बीपी डेस्क। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के बाद नितिन नबीन ने अपने पहले संबोधन में पार्टी के इतिहास, वैचारिक संघर्ष और भविष्य की चुनौतियों पर खुलकर बात की. उन्होंने पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों को याद करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं के योगदान की सराहना की और कहा कि भाजपा की यात्रा त्याग, संघर्ष और संकल्प से भरी रही है.
नितिन नबीन ने कहा कि वे इस अवसर पर पार्टी के सभी पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों को नमन करते हैं. उन्होंने बताया कि जनसंघ के दौर से ही भाजपा कार्यकर्ता कुछ संकल्पों और नारों के साथ आगे बढ़ते रहे हैं, जिन्होंने पार्टी की वैचारिक दिशा तय की.
अपने संबोधन में उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के मार्ग के प्रशस्त होने और जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि कश्मीर की जनता ने इस बदलाव को महसूस किया है और आज श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा लहराते देखना गर्व की बात है.
नितिन नबीन ने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब कश्मीर में हालात अलग थे और केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठते थे. उन्होंने कहा कि धारा 370 हटने के बाद कश्मीर के माहौल में सकारात्मक बदलाव आया है.
नए अध्यक्ष ने बताया कि अगले कुछ महीनों में तमिलनाडु, असम, पश्चिम बंगाल, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं. उन्होंने इन राज्यों में जनसांख्यिकीय बदलावों को पार्टी के लिए चुनौती बताया.
नितिन नबीन ने विश्वास जताया कि भाजपा कार्यकर्ता अपने परिश्रम और संघर्ष के बल पर इन सभी राज्यों में पार्टी को मजबूत नेतृत्व प्रदान करेंगे. उन्होंने कहा कि संगठन की ताकत ही भाजपा की सबसे बड़ी पूंजी है.
