Bihar News : मोक्ष नगरी गया जी में बुजुर्ग तीर्थयात्रियों की बढ़ेगी सुविधा, पटना हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर

पटना

बीपी डेस्क। मोक्ष की भूमि गया जी में आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी खबर है। रामशिला और प्रेतशिला पहाड़ियों पर दुर्गम चढ़ाई से निजात दिलाने के लिए पटना हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है, जिसमें समय सीमा के भीतर रोपवे निर्माण की मांग की गई है।

गया जी न केवल हिंदू बल्कि बौद्ध धर्म का भी प्रमुख केंद्र है। यहाँ हर साल लाखों लोग अपने पूर्वजों के मोक्ष के लिए पिंडदान करने आते हैं। हालांकि, धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रामशिला और प्रेतशिला पहाड़ियों पर चढ़ना बुजुर्गों और दिव्यांग तीर्थयात्रियों के लिए एक बड़ी चुनौती रही है।

इसी समस्या को देखते हुए याचिकाकर्ता राजीव रंजन सिंह ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में बताया गया है कि रामशिला पहाड़ी पर 376 सीढ़ियाँ और प्रेतशिला पहाड़ी पर 676 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं। इतनी कठिन चढ़ाई के कारण कई श्रद्धालु चाहकर भी इन चोटियों पर स्थित धार्मिक स्थलों तक नहीं पहुँच पाते हैं।

याचिकाकर्ता का तर्क है कि यदि यहाँ रोपवे (Ropeway) की सुविधा शुरू हो जाए, तो तीर्थयात्रियों का सफर न केवल सुगम होगा, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इस जनहित याचिका के अनुसार, रोपवे निर्माण की मांग काफी पुरानी है।

याचिका दायर करने से पहले याचिकाकर्ता ने 21 जनवरी 2026 को गया के जिलाधिकारी और बिहार सरकार के पर्यटन सचिव को इस संबंध में अभ्यावेदन (Memorandum) दिया था। लेकिन जब प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो अंततः न्याय के लिए पटना हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी।

राजीव रंजन सिंह ने अपनी याचिका में अनुरोध किया है कि न्यायालय राज्य सरकार को एक निश्चित समय सीमा के भीतर इन दोनों पहाड़ियों पर रोपवे का निर्माण कार्य पूरा करने का निर्देश दे। इससे गया जी आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी धार्मिक यात्रा बिना किसी शारीरिक कष्ट के पूरी हो सकेगी।

पटना हाईकोर्ट में इस मामले की शीघ्र सुनवाई होने की उम्मीद है। यदि कोर्ट इस पर संज्ञान लेता है, तो गया जी के पर्यटन मानचित्र पर यह एक बड़ी उपलब्धि होगी। विष्णुपद मंदिर और फल्गु नदी पर बने ‘रबर डैम’ के बाद अब रोपवे की सुविधा गया जी को एक आधुनिक और सुगम धार्मिक स्थल के रूप में विश्व पटल पर स्थापित करेगी।

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