Bihar News : पंचायती राज व्यवस्था अब काग़ज़ों की कैद में नहीं, बल्कि ज़मीन पर नज़र आनी चाहिए- मंत्री दीपक प्रकाश

बिहार

भागलपुर, संतोष कुमार। जिला के सर्किट हाउस में उस वक्त सियासी माहौल गरमा गया, जब बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने पहली बार प्रेस के सामने आकर न सिर्फ़ विभागीय कामकाज का रिपोर्ट कार्ड खोला, बल्कि अफ़सरशाही और विपक्ष दोनों को साफ़ संदेश दे दिया। मंत्री के लहजे में सख़्ती थी और बातों में सियासत की धार।

उनका कहना था कि पंचायती राज व्यवस्था अब काग़ज़ों की कैद में नहीं, बल्कि ज़मीन पर नज़र आनी चाहिए। मंत्री दीपक प्रकाश ने पंचायती राज विभाग की योजनाओं की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को चेताया कि योजनाओं में किसी भी तरह की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि प्रदेश भर के जिला परिषदों की रिक्त भूमि अब बेकार नहीं पड़ी रहेगी, बल्कि उसका समुचित और प्रभावी इस्तेमाल कर पंचायत स्तर पर विकास को रफ़्तार दी जाएगी। प्रेस वार्ता के दौरान जब पीपीटी में भूमि से जुड़ी पूरी और स्पष्ट जानकारी नहीं दिखी, तो मंत्री का मिज़ाज सख़्त हो गया।

उन्होंने अफ़सरों को नसीहत दी कि आगे से हर प्रस्तुति पारदर्शी, तथ्यात्मक और ज़मीनी हक़ीक़त पर आधारित होनी चाहिए। भागलपुर जिले की तस्वीर पेश करते हुए मंत्री ने बताया कि जिले की 238 पंचायतों में से 70 पंचायत भवन बनकर तैयार हो चुके हैं, जिनमें से 56 भवनों में कामकाज भी शुरू हो चुका है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जिले की 21 पंचायतों को निर्माण की विभागीय स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि 45 पंचायतों में भूमि चिन्हित कर ली गई है। शेष पंचायतों के लिए भी जल्द भूमि चिन्हित करने का सख़्त निर्देश दिया गया है।

इस मौके पर मंत्री दीपक प्रकाश ने विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग आज विकास के नाम पर सवाल खड़े कर रहे हैं, उनके दौर में पंचायत और ग्रामीण विकास सिर्फ़ भाषणों तक सीमित था। आज की सरकार धरातल पर काम कर रही है और विकास के आंकड़े खुद उसकी गवाही दे रहे हैं।

उन्होंने साफ़ किया कि सरकार की प्राथमिकता है योजनाएं समय पर पूरी हों, जवाबदेही तय हो और ग्रामीण जनता तक विकास का असली फायदा पहुंचे। भागलपुर से सत्ता का यह पैग़ाम साफ़ है अब न बहाने चलेंगे, न ही अधूरी फाइलें। विकास होगा तो तय समय में, वरना कार्रवाई भी तय है।

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