Bihar Politics : तेजस्वी यादव ने सत्तापक्ष के नेताओं पर साधा निशाना, कहा- वक्त पर हदों का अहसास करा देंगे, कुछ तालाब खुद को समंदर समझ बैठे हैं…

पटना

बीपी डेस्क। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने गुरुवार को राज्यपाल के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लिया। उन्होंने विकास और कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर तीखे सवाल किये। उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य की भी एक झलक पेश की। नेता प्रतिपक्ष ने कहा, अभी आप (सत्ता पक्ष) कुछ भी बोलिए, कहिए, कराइए, अभी आपका समय है। हमारा भी दौर आएगा।

सही वक्त पर करा देंगे हदों का अहसास, कुछ तालाब खुद को समंदर समझ बैठे हैं। तेजस्वी यादव ने विकास के दावे पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, बिहार प्रति व्यक्ति आय में सबसे पीछे है। बिहार में प्रति व्यक्ति निवेश भी सबसे कम है। राज्य के किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। बिहार अगर अलग देश होता तो वह पूरी दुनिया में सबसे गरीब देश होता।

अफ्रीका के गरीब देशों से भी बिहार गरीब होता। उन्होंने कहा, महोदय यह कहा जाता कि है बिहार विकास कर रहा है, विकास कर रहा है। लेकिन यह जहां 196-61 में खड़ा था, 2026 में भी वहीं खड़ा है। चाहे गरीबी दर देख लीजिए। प्रति व्यक्ति आय देख लीजिए। इन सभी मामलों में बिहार अभी आगे बढ़ा नहीं है।

आप लोग (सत्ता पक्ष) कह रहे हैं, विकास हो रहा है, विकास हो रहा है, तब फिर बिहार फिसड्डी राज्य क्यों है। बिहार के विकास के लिए हम लोग (विपक्ष) भी साथ खड़े हैं। इस मामले में अगर विपक्ष की जरूरत पड़े तो हम एकदम साथ देंगे।

विपक्ष के सहयोग पर तेजस्वी यादव ने कहा, हम तो कहना चाहते हैं सत्ता पक्ष के सभी साथियों से, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को प्रस्ताव रखना चाहते हैं कि बिहार तभी आगे बढ़ेगा जब बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलेगा और विशेष पैकेज मिलेगा। हम तो मुख्यमंत्री से कहना चाहते हैं विशेष राज्य के दर्जे के लिए यह एक उपयुक्त मौका है।

डबल इंजन की सरकार है, डबल डिप्टी सीएम हैं, डबल सेंचुरी में विधायक हैं, डबल डिजिट में आपके सांसद हैं। ये प्रस्ताव अब नहीं आगे बढ़ाइएगा तो कब बढ़ाइएगा। डबल डिजिट (20 साल) वाले फिगर के साथ आप शासन कर रहे हैं। फिर भी बिहार जहां 1961 में खड़ा था, आज भी वहीं खड़ा है।

सभी पार्टी के प्रतिनिधि मंडल के साथ हम चलते हैं प्रधानमंत्री जी के पास और विशेष राज्य के दर्जे की मांग करते हैं। बिहार के लिए विशेष पैकेज की मांग करते हैं। हम लोग आपको पूरा समर्थन करेंगे। लेकिन कई बार तो मुख्यमंत्री जी ये बात भूल जाते हैं। वहीं मुफ्त बिजली के सवाल पर सरकार को घेरते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, मुख्यमंत्री जी तो भूल गये।

बिजेन्द्र जी (ऊर्जा मंत्री) तो यहां हैं। जब हमने 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की बात कही तो उन्होंने इसी सदन में कहा था, मुफ्त बिजली नहीं दी जानी चाहिए। लेकिन ऐसी क्या मजबूरी आ गयी कि चुनाव से पहले 125 यूनिट बिजली मुफ्त कर दी गयी। बिहार एक मामले में नम्बर एक है। देश में सबसे महंगी बिजली बिहार में मिलती है।

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