बीपी डेस्क। पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को बड़ा निर्देश दिया है. उच्च न्यायालय ने सरकार की ढांचागत परियोजनाओं में लाल ईंटों के उपयोग पर तत्काल रोक लगाने का आदेश दिया है। जस्टिस संदीप कुमार ने ब्रिक्स फर्म की याचिका पर सुनवाई करते हुए ये निर्देश दिया।
इस मामले की अगली सुनवाई 17 फरवरी 2026 को की जाएगी.पर्यावरण नियमों की अनदेखी और उपेक्षा पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि बिहार में स्कूल भवनों के निर्माण में लाल ईंटों का उपयोग नहीं होगा. कोर्ट ने बिहार सरकार को निर्देश दिया कि राज्य के ढांचागत परियोजनाओं में पर्यावरण नियमों का सख्ती का पालन किया जाये।
कोर्ट ने पश्चिम चम्पारण के जिलाधिकारी को आदेश दिया कि जोगापट्टी स्थित चिमनिया बाजार में निर्माणाधीन आवासीय स्कूल भवन के प्रोजेक्ट में लाल ईंटो का प्रयोग बंद कराया जाये। ये आवासीय स्कूल 560 बेड वाला है।
कोर्ट ने कहा कि सरकारी कंस्ट्रक्शन योजनाओं में फ्लाई ऐश ईंटों का इस्तेमाल किया जाये. कोर्ट ने अधिकारियों को कहा कि पर्यावरण, वन और जलवायु मंत्रालय की ओर से 31 दिसंबर 2021 को केंद्र सरकार द्वारा जारी निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाये।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि थर्मल पावर प्लांट के 300 किलोमीटर के दायरे में मौजूद बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन में फ्लाई ऐश ईंटों का शत प्रतिशत उपयोग किया जाये. कोर्ट ने पूछा कि इन परियोजनाओं में फ्लाई ऐश ईंटों की जगह लाल ईंटो का उपयोग कैसे होता रहा है? ये पर्यावरणीय नियमों का खुला उल्लंघन है।
कोर्ट ने बिहार शैक्षणिक ढांचागत विकास निगम लिमिटेड से पूछा कि पश्चिम चम्पारण के आवासीय स्कूल भवन निर्माण में लाल ईंटों का इस्तेमाल कैसे किया जा रहा है जबकि नियमानुसार फ्लाई ऐश ईंटों का उपयोग किया जाना था। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता गिरिजेश कुमार ने कोर्ट को आश्वास्त किया कि वे अपने क्लाइंट को सलाह देंगे कि वे नियमानुसार भवन निर्माण करें।
