पटना विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव की तारीखों का हुआ ऐलान, राजभवन की मंजूरी के बाद वर्तमान संघ भंग

पटना

बीपी डेस्क। पटना विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति की सरगर्मी चरम पर है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सत्र 2025-26 के लिए छात्र संघ चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही पिछले सत्र के निर्वाचित छात्र संघ को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। 28 फरवरी को तय होगा कि कैंपस का अगला ‘छात्र सरकार’ कौन होगा।

छात्र कल्याण संकाय अध्यक्ष वाई. के. वर्मा द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, पटना विश्वविद्यालय अधिनियम 1976 की विभिन्न धाराओं के तहत सत्र 2024-25 के निर्वाचित छात्र संघ (PUSU) को भंग कर दिया गया है। इस निर्णय को राजभवन से भी हरी झंडी मिल चुकी है। अब विश्वविद्यालय का पूरा ध्यान निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से नए चुनाव संपन्न कराने पर है।

कुलपति प्रोफेसर नमिता सिंह और मुख्य निर्वाचन अधिकारी शंकर कुमार ने चुनाव का विस्तृत शेड्यूल साझा किया है। प्रक्रिया की शुरुआत 6 फरवरी को प्रारंभिक मतदाता सूची (Draft Electoral Roll) के प्रकाशन के साथ होगी। छात्र 10 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची देख सकेंगे, जिसके बाद नामांकन और प्रचार का दौर शुरू होगा।

छात्र राजनीति के इस महाकुंभ का सबसे महत्वपूर्ण दिन 28 फरवरी होगा। इसी दिन छात्र अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे और मतदान समाप्त होने के बाद देर शाम तक नतीजों की घोषणा भी कर दी जाएगी। बता दें कि पिछला चुनाव 29 मार्च 2025 को हुआ था, लेकिन इस बार प्रशासन ने सत्र को नियमित करने के उद्देश्य से फरवरी में ही चुनाव कराने का फैसला लिया है। यह चुनाव पूरी तरह से ‘लिंगदोह कमेटी’ के दिशा-निर्देशों के आधार पर कराया जाएगा।

उम्मीदवारों के लिए उम्र सीमा, उपस्थिति और प्रचार के तरीकों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले उम्मीदवारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कैंपस की राजनीति मुख्य रूप से पांच केंद्रीय पदों के इर्द-गिर्द सिमटी है अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, संयुक्त सचिव एवं कोषाध्यक्ष के पदों के अलावा विभिन्न कॉलेजों से काउंसिल सदस्यों का भी चुनाव होगा। विभिन्न छात्र संगठनों ने अब उम्मीदवारों के चयन और जोड़-तोड़ की राजनीति शुरू कर दी है।

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