बीपी डेस्क। बिहार के औद्योगीकरण को गति देने और निवेशकों की राह आसान करने के उद्देश्य से आज मुख्य सचिव, बिहार, श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में ‘उद्योग वार्ता’ का आयोजन किया गया। पटना एयरपोर्ट के समीप स्थित वायुयान संगठन निदेशालय में, 10 बजे से 1 बजे तक आयोजित इस बैठक में मुख्य सचिव ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से सीधा संवाद किया और स्पष्ट निर्देश दिया कि बिहार में उद्योग लगाने में आ रही बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि राज्य सरकार बिहार में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने संबंधित विभागों को भुगतान और उद्योग स्थापना से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान करने का आदेश दिया।
श्री दीपक कुमार ने ‘द फुटस्टेप्स ऑफ बुद्ध कॉरिडोर’ विकसित करने का प्रस्ताव रखा। इसमें भगवान बुद्ध की यात्राओं, उपदेश स्थलों और उनकी माता के अंतिम समय से जुड़े गांवों (राजगीर, बोधगया व अन्य) को जोड़ने की योजना है। उन्होंने अच्छी सड़क के निर्माण के लिए भी गुज़ारिश की । मुख्य सचिव ने इसे महत्वपूर्ण बताते हुए अधिकारियों को आवश्यक जानकारी एकत्र कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
‘एमबीए मखाना वाला’ के सीईओ श्री श्रवण कुमार रॉय ने मखाना-आधारित स्वस्थ खाद्य उत्पादों (डोसा, कुकीज़ आदि) के लिए पटना में स्थाई आउटलेट और गंगा पथ पर स्टॉल की मांग की। मुख्य सचिव ने मखाना को बिहार का ‘सुपरफूड’ बताते हुए जिलाधिकारी, पटना को उद्यमी को हर संभव मदद प्रदान करने का निर्देश दिया।
पैलेडियम इंडिया (Palladium India) के सीईओ श्री अमित पटजोशी ने ‘को-डिजास्टर मैनेजमेंट प्रोग्राम’ के तहत बिहार को आपदा मुक्त बनाने का प्रस्ताव दिया, जिस पर उन्हें आपदा प्रबंधन विभाग के प्रमुख से मिलने का सुझाव दिया गया।
आरमोन इंटरनेशनल (Armon International) के सीईओ श्री अरुण कुमार सिंह ने ‘इंटीग्रेटेड एग्री-एनर्जी एंटरप्राइज प्रोग्राम’ का सुझाव दिया। मुख्य सचिव ने इस पहल की सराहना की और स्वयं इसकी समीक्षा करने का आश्वासन दिया।
बाहरी निवेशकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह बैठक पटना एयरपोर्ट के समीप आयोजित की गई थी। बैठक में कुल 14 निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों ने ए-आई (AI), ऑक्सीजन प्लांट, चीनी मिल और वित्त आदि से संबंधित अपने प्रस्ताव और समस्याएं रखीं।
इस अवसर पर गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री के. सेंथिल कुमार, गन्ना आयुक्त श्री अनिल कुमार झा, उद्योग विभाग के सचिव श्री कुंदन कुमार, निदेशक श्री मुकुल कुमार गुप्ता, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री मनोज कुमार सिंह और एसबीआई (SBI) के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
