बीपी डेस्क। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने शुक्रवार को विधान परिषद में घोषणा की कि राज्य की महिला शिक्षकों को अब 730 दिनों के शिशु देखभाल अवकाश (CCL) की सुविधा सुलभ तरीके से मिलेगी। विभाग ने इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार कर ली है, जिसे अगले 15 दिनों के भीतर औपचारिक रूप से लागू कर दिया जाएगा।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार महिला कर्मियों के अधिकारों और उनकी आर्थिक सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है। महिला शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए मंत्री ने बताया कि CCL के लिए पारदर्शी SOP बनाई गई है। इसके अलावा, मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) के दौरान होने वाले वेतन भुगतान की जटिलता को भी खत्म कर दिया गया है।
अब शिक्षिकाओं को अवकाश के बाद एकमुश्त वेतन के बजाय हर महीने नियमित वेतन मिलेगा। इसके लिए विभाग तीन महीने पहले ही आदेश जारी कर चुका है। सदन में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी ने महिला शिक्षकों के स्थानांतरण का मुद्दा उठाते हुए महत्वपूर्ण सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षिकाओं को उनके गृह जिले में ही पदस्थापित किया जाना चाहिए ताकि पारिवारिक संतुलन बना रहे।
शिक्षा मंत्री ने इस सुझाव को सकारात्मक बताते हुए कहा कि विभाग इस पर गंभीरता से विचार करेगा। शिक्षा मंत्री ने स्कूलों में बेंच-डेस्क खरीद में हुई वित्तीय अनियमितताओं पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जो लोग एसी-डीसी बिल जमा नहीं कर रहे हैं, उन्हें चिन्हित किया जा रहा है।
यदि ऑडिट में गबन की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जाएगी। विभाग हर सप्ताह इन बिलों की समीक्षा कर रहा है। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है।
अब स्कूलों में बेंच-डेस्क की आपूर्ति जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) के माध्यम से नहीं की जाएगी। विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। नई व्यवस्था का उद्देश्य खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।
