लघु एवं सीमांत कृषक कार्यशाला-सह- मात्स्यिकी, यांत्रिकी, बागवानी एवं पशु मेला” कार्यक्रम दूसरे दिन संपन्न
मोतिहारी, राजन द्विवेदी। जिले के पिपराकोठी कृषि विज्ञान केन्द्र में तीन दिवसीय “लघु एवं सीमांत कृषक कार्यशाला-सह- मात्स्यिकी, यांत्रिकी, बागवानी एवं पशु मेला” कार्यक्रम के दूसरा दिन आज किसानों को मंत्रियों एवं कृषि वैज्ञानिकों का किसानों के साथ संवाद और समाधान की बातों के बीच संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के दूसरे दिन कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर एवं बिहार के पशु एवं मत्स्य पालन मंत्री सुरेन्द्र मेहता के साथ सहभागिता कर किसानों, पशुपालकों वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों के साथ समेकित कृषि प्रणाली एवं फसल विविधीकरण सह जलवायु-अनुकूल कृषि कार्यशाला विषय पर विस्तृत चर्चा हुई।
इस अवसर पर सांसद पूर्व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने समेकित कृषि प्रणाली (आइएफएस), फसल विविधीकरण और जलवायु-अनुकूल खेती को बढ़ावा देने के लिए बड़े संरचनात्मक बदलाव किए हैं।
राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन और जलवायु लचीली कृषि के माध्यम से, 76 से अधिक आइएफएस मॉडल विकसित किए गए हैं, जो फसल, पशुपालन और बागवानी को एकीकृत करते हैं। इसके तहत फसल विविधीकरण कार्यक्रम, प्राकृतिक खेती मिशन और कृषि-तकनीक के जरिए टिकाऊ उत्पादन व आय वृद्धि पर जोर दिया जा रहा है।
