बीपी डेस्क। बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि राज्य में शिक्षा पर कुल वार्षिक बजट का 20 प्रतिशत खर्च किया जा रहा है. उनका दावा है कि यह देश में सबसे अधिक है. उन्होंने बताया कि एनडीए सरकार, मुख्यमंत्री के नेतृत्व में, हर ब्लॉक में मॉडल स्कूल और डिग्री कॉलेज खोलने की योजना पर काम कर रही है.
मंत्री ने सबसे अधिक जोर TRE-4 पर दिया. उन्होंने बताया कि 45,000 से ज्यादा शिक्षक-शिक्षिकाओं की बहाली के लिए अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेज दी गई है. आयोग परीक्षा की तिथि तय करेगा. इसके अलावा दिव्यांग बच्चों के लिए 7,000 से अधिक विशेष शिक्षकों की अधियाचना भी भेजी गई है. मंत्री ने कहा कि सरकार गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.
साइंस, टेक्नोलॉजी और टेक्निकल एजुकेशन के बजट को भी सदन में पेश किया गया. इसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया है. सरकार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने और तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है. हाल ही में परीक्षा केंद्र पर देरी से पहुंचने के कारण एक छात्रा की मौत के सवाल पर मंत्री ने कहा कि सरकार मामले की समीक्षा करेगी.
उन्होंने कहा कि यदि कहीं लापरवाही या सुधार की जरूरत होगी तो कार्रवाई की जाएगी. वहीं विपक्ष द्वारा फर्जी डिग्री के आरोप उठाए जाने पर मंत्री ने कहा कि इस संबंध में महाधिवक्ता से भी राय ली गई है. संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच करेगा. मंत्री ने दोहराया कि सरकार का हर कदम छात्रों के हित में है. TRE-4 बहाली प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा.
