8 वें की दिल्ली में इलाज के दौरान मौत, काली पन्नियों में लाई गई शवों के टुकड़े
मोतिहारी, राजन द्विवेदी। बीते 16 फरवरी को राजस्थान के भिवाड़ी स्थित खुशखेड़ा कारौली इंडस्ट्रियल एरिया में सोमवार सुबह पटाखे की केमिकल फैक्ट्री में 7 मजदूर जिंदा जल गए, जबकि 4 गंभीर रूप से झुलस गए। इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले मोतिहारी के सात मजदूरों का शव टुकड़ों में प्लास्टिक बैग में रख रविवार दोपहर मोतिहारी पहुंच गया है।
वहीं सुबह दिल्ली में इलाज के दौरान आठवें मजदूर की भी मौत हो गई है। वहीं 3 अभी भी इलाजरत है। जिनमें एक की हालत नाजुक बनी है। 6 दिनों के लंबे इंतजार के बाद शनिवार की शाम साढ़े 6 बजे सातों बॉडी को उनके परिजनों के साथ एम्बुलेंस से मोतिहारी के लिए रवाना किया गया। जिसके बाद रविवार की दोपहर बॉडी मोतिहारी सदर अस्पताल पहुंची।
फिलहाल, मृतकों के परिजन के आने के आने का इंतजार किया जा रहा है।परिजन के पहुंचने पर उन्हें बॉडी सौंप दी जाएगी। इसके बाद सातों मजदूर का शव एम्बुलेंस से उनके पैतृक गांव भेजा जाएगा, जहां परिजन और गांव वालों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार होगा। बताया जा रहा है कि शवों की पहचान उनके दांतों के डीएनए टेस्ट के माध्यम से की गई है।
मृतकों के परिजनों ने बताया कि आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद शवों को एम्बुलेंस से घर लाया गया है। राजस्थान में मौजूद अन्य लोग बसों से अपने-अपने गांवों लौट रहे हैं। बताया कि यह हादसा 16 फरवरी को पटाखा निर्माण के दौरान अचानक हुए जोरदार विस्फोट से हुआ।
जिसमें पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी के सात मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि धमाका इतना खतरनाक था कि सातों मजदूरों की लाशें 20 से 30 मीटर दूर तक जाकर गिरी थी। किसी का हाथ, कहीं पैर और बाडी कहीं और मिला। दो दिनों तक बॉडी पार्ट्स को जोड़कर सभी के दातों से डीएनए टेस्ट किया गया। अब यही बचे हुए टुकड़े काली पन्नियों में पैक कर यहां तक लाया गया है। शव के पहुंचते ही चारों ओर चित्कार मची है।
