मोतिहारी , राजन द्विवेदी। महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिहार के समाज कार्य विभाग द्वारा “ब्रिजिंग पॉलिसी एंड प्रैक्टिस: सोशल वर्क इन द 21st सेंचुरी” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संगोष्ठी के मुख्य संरक्षक एवं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव, प्रो. प्रसून दत्त सिंह मुख्य कुलानुशासक वि. वि., विशिष्ठ अतिथि प्रो. धनंजय कुमार वर्मा, भोपाल एवं प्रो. बंशीधर पांडे समाज कार्य विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी एवं प्रो. सुजीत कुमार चौधरी, अधिष्ठाता समाजिक विज्ञान संकाय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित करके किया।
इस संगोष्ठी में बीज वक्तव्य प्रो. संजय भट्ट, अध्यक्ष, नेशनल एसोसिएशन ऑफ प्रोफेशनल सोशलवर्कर इन इंडिया के द्वारा किया गया। संगोष्ठी में स्वागतम वक्तव्य समाज कार्य विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. सुजीत कु चौधरी द्वारा दिया गया।
प्रो. चौधरी ने समाज कार्य के मूल्यों एवं उपयोगिताओं पर प्रकाश डालते हुए कहां की समाज कार्य विषय समाज की समस्याओं के निदान एवं उपचार के लिए अत्यंत सहायक है।
प्रो. प्रसून दत्त सिंह ने विशेष वक्तव्य में कहा समाज कार्य विषय समाज में असहाय लोगों को कौशल प्रदान करने व क्षमता वृद्धि के लिए एक उपयोगी विषय के रूप में समाज में जाना जाता है। प्रो. संजय भट्ट ने अपने बीच व्यक्तित्व में कहा आज समाज में समाज कार्य विषय के विद्यार्थियों द्वारा उचित कार्य किए जाने एवं देश के अधिक से अधिक संस्थानों में एक अलग पहचान बना चुका है।
प्रो. बंशीधर पांडे ने कहा कि समाज कार्य वर्तमान समय में भारतीय परंपराओं को अपनाने के साथ-साथ व्यवसायिक एवं परंपरागत रूप से सामाजिक समस्याओं का समाधान कर रहा है।
कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव ने अध्यक्ष उद्बोधन में कहा आज डिजिटल युग में समाज कार्य की उपयोगिता सामाजिक संबंधों को बनाए रखने एवं सामाजिक विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए उपयोगी है।
उद्घाटन सत्र का समापन राष्ट्रगान से हुआ। पूरे सत्र का संचालन संगोष्ठी के आयोजन सचिव डॉ. अनुपम कुमार वर्मा द्वारा किया गया इस सत्र में डॉ. मृत्युंजय कुमार सिंह, डॉ. उमेश कुमार प्रोफेसर सुनील महावर, डॉ. पंकज सिंह, डॉ. अरुण दुबे, डॉ. मुस्कान भारती, राकेश रौशन, विनय एवं विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के प्राध्यापक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
संगोष्ठी के अगले सत्र ‘प्लेनरी सत्र’ में संगोष्ठी के विभिन्न आयामों पर चर्चा की गई जिसमें डॉ. राहुल गुप्ता, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, डॉ. मयंक कपिला, एम. एस. कॉलेज, डॉ. अमित कुमार, एम. एस. कॉलेज, डॉ. उमेश कुमार ने भाग लिया इस सत्र की अध्यक्षता प्रो. ए. के. शरण, अर्थशास्त्र विभाग एम. जी. सी. यू. ने किया।
संगोष्ठी के अगले कार्यक्रम में ‘प्रथम तकनीकी सत्र’ का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता प्रो. बंशीधर पाण्डेय ने किया इस सत्र में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थाओं से आये प्रोफेसर, विषय विशेषज्ञ, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने अपने शोध आलेख का वाचन किया साथ हीं इस सत्र में कुल ग्यारह शोध पत्रों को प्रस्तुत किया गया।
संगोष्ठी के प्रथम दिवस का समापन ‘सांस्कृतिक संध्या’ के आयोजन से किया गया है जिसमें गायन समूह टीम अंकित, गौरव ज्ञान ने अपनी सुरीली एवं मधुर गायन से सभागार को मंत्र मुग्ध कर दिया एवं अपने काला का प्रदर्शन करते हुए तबला वादक अंकित की दर्शकों ने बहुत प्रशंसा की।
