बीपी डेस्क। बिहार के किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण पहल के तहत भारत सरकार द्वारा बड़ा निर्णय लिया गया है। इस निर्णय से राज्य में धान अधिप्राप्ति की प्रक्रिया को गति मिलेगी तथा किसानों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ प्राप्त होगा।
उक्त बातें की जानकारी बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की मंत्री लेशी सिंह ने दी |
मंत्री लेशी सिंह ने कहा है कि भारत सरकार ने बिहार राज्य के किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए भारत सरकार ने खरीफ विपणन मौसम वर्ष 2025-26 के लिए फोर्टीफाइड चावल की अनिवार्यता को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है।
अब फोर्टीफाइड चावल के बिना ही चावल की आपूर्ति मिलरों द्वारा की जायेगी इस तरफ से पैक्स पर अधिभार की समस्या स्वतः समाप्त हो जायेगी। उन्होंने कहा कि दिनांक 16 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी से भेंट कर बिहार के किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया था। विशेष रूप से धान अधिप्राप्ति की समय सीमा बढ़ाने फोर्टीफाइड चावल की धीमी आपूर्ति के कारण सीएमआर (CMR) जमा करने में हो रही कठिनाइयों की ओर उनका ध्यान आकृष्ट करवायी थी।
जिसपर पहले ही धान अधिप्राप्ति की समय सीमा बढ़ा दी गयी है | साथ ही लक्ष्य बढ़ाने हेतु लगातार केन्द्र सरकार के साथ संपर्क में हूँ। जल्द ही अधिप्राप्ति का लक्ष्य भी बढ़ा दिया जायेगा। मंत्री श्रीमती सिंह ने कहा कि इस निर्णय से सीएमआर जमा करने की प्रक्रिया में तेजी आएगी तथा धान अधिप्राप्ति कार्य सुचारू रूप से संचालित होगा। इसका सीधा लाभ राज्य के किसानों को मिलेगा।
मंत्री श्रीमती लेशी सिंह ने बताया कि धान अधिप्राप्ति की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च 2026 पहले ही कर दी गई है, जिससे किसानों को अतिरिक्त समय मिला है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि शीघ्र ही धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य भी वर्तमान 36.85 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 45 लाख मीट्रिक टन किया जाएगा।
मंत्री लेशी सिंह ने ने इस निर्णय के लिए भारत सरकार एवं केन्द्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का आभार प्रकट किया है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिप्राप्ति कार्य पारदर्शिता, समयबद्धता एवं दक्षता के साथ संपादित किया जाय ताकि प्रत्येक पात्र किसान को इसका समुचित लाभ मिल सके।
मंत्री लेशी सिंह ने कहा कि बिहार सरकार किसानों के हितों की रक्षा एवं उनके समग्र विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है साथ ही खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। “खरीफ विपणन मौसम 2025-26” अन्तर्गत प्रदत लक्ष्य 36.85 लाख मे. टन के विरूद्ध अब तक 6879 समितियों के माध्यम से 4.44 लाख किसानों से 30.34 लाख मे. टन धान की अधिप्राप्ति की गई है, जो कि कुल लक्ष्य का 82.33 प्रतिशत है।
