ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता सुधारने को 480 अभियंता होंगे प्रशिक्षित

पटना
  • 480 सहायक अभियंताओं को आईआईटी पटना में विशेष प्रशिक्षण
  • ग्रामीण कार्य विभाग के 120 सहायक अभियंताओं का प्रशिक्षण पूर्ण

बीपी डेस्क। बिहार के ग्रामीण इलाकों में पक्की सड़कों और पुलों के दीर्घकालीन गुणवत्तापूर्ण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ग्रामीण कार्य विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए जो योजना तैयार की है, उसमें सिर्फ ढांचागत विस्तार को ही नहीं, बल्कि निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी मजबूती को प्राथमिकता दी जा रही है।

निर्माण कार्यों में बेहतर तकनीकी मानकों को सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अपने अभियंताओं को आईआईटी, पटना में प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की शुरुआत की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के सभी ग्रामीण पथ और पुल उच्च गुणवत्ता के साथ निर्मित किये जाएं।

आईआईटी पटना में अभियंताओं की विशेष ट्रेनिंग
विभाग की इस प्रशिक्षण योजना के तहत ग्रामीण कार्य विभाग में कार्यरत नवनियुक्त 480 सहायक अभियंताओं (असैनिक) को आईआईटी, पटना में चरणबद्ध तरीके से विशेष प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। इन अभियंताओं को उनके क्षेत्राधीन क्रियान्वित किए जा रहे सड़कों और पुलों के निर्माण में तकनीकी मानकों के अनुरूप कार्य करने और नई तकनीक का उपयोग कर अपनी कार्य क्षमता को सुदृढ़ करने के गुर सिखाए जा रहे हैं।

इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत ग्रामीण कार्य विभाग के 120 सहायक अभियंताओं अबतक प्रशिक्षित किया जा चुका है। वहीं, शेष 360 सहायक अभियंताओं को भी जुलाई 2026 तक आईआईटी, पटना से प्रशिक्षण दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

ग्रामीण सड़कों की सुधरेगी गुणवत्ता
इस उच्च स्तरीय प्रशिक्षण का सीधा लाभ राज्य की उन सभी योजनाओं को मिलेगा, जिन्हें आगामी वित्तीय वर्ष में धरातल पर उतारा जाना है। ग्रामीण क्षेत्रों को उद्योगोन्मुखी करने और बारहमासी सड़क सम्पर्कता सुनिश्चित करने के लिए विभाग लगातार ग्रामीण पथों का विस्तार कर रहा है। वहीं, आईआईटी, पटना जैसी संस्थानों के प्रशिक्षण ग्रामीण कार्य विभाग राज्य के ग्रामीण सम्पर्कता को दीर्घकालिक बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।