बीपी डेस्क। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के तीन विधायकों ने हाल ही में बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की थी. इन विधायकों की तस्वीर नितिन नबीन के साथ सामने आई तो चर्चा शुरू हो गई कि उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में टूट हो सकती है. इस बीच उपेंद्र कुशवाहा की इस पर पहली प्रतिक्रिया आई है.
शुक्रवार को उपेंद्र कुशवाहा से सासाराम में पत्रकारों ने इसको लेकर सवाल किया जिस पर उन्होंने जवाब दिया कि उनकी पार्टी में किसी प्रकार की टूट का कोई सवाल ही नहीं है. उन्होंने पत्रकारों को नसीहत देते हुए कहा कि आपके पास वाजिब सवाल ही नहीं है, जिसका जवाब दिया जाए.
दरअसल दो दिन पूर्व पटना में आयोजित दल की लिट्टी-चोखा पार्टी में उनके तीन विधायक रामेश्वर कुमार महतो, माधव आनंद और आलोक सिंह शामिल नहीं हुए थे. इस पर उपेंद्र कुशवाहा ने जवाब देते हुए कहा कि यह कोई मुद्दा ही नहीं है कि इसके बारे में चर्चा की जाए. उन्होंने राष्ट्रीय लोक मोर्चा में टूट के सवाल को ही खारिज कर दिया और कहा कि इस तरह के सवाल बेवजह पूछे जा रहे हैं.
आज सासाराम के परिषद में वह आम लोगों से मुलाकात कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने पत्रकारों के सवालों के जवाब में उक्त बातें कहीं. बता दें कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा में कुल चार विधायक हैं. तीन विधायकों को लेकर नाराजगी की खबर है जबकि एक विधायक उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता हैं.
गौरतलब हो कि उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश अभी सरकार में मंत्री हैं. वो ना तो एमएलसी हैं और ना ही विधायक हैं. ऐसे में पार्टी के अन्य विधायकों के बीच इससे नाराजगी है. अब चार विधायकों में से अगर तीन विधायक अलग हो गए तो कुशवाहा की पार्टी अलग-थलग हो जाएगी. भले कुशवाहा ने इसे बेवजह का सवाल बताया हो लेकिन सियासी गलियारों में कई तरह की चर्चाएं हैं.
