Bihar News : उर्वरकों की कालाबाजारी पर कृषि विभाग की सख्त कार्रवाई

बिहार

-उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अवैध भंडारण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा- पंकज कुमार

बीपी डेस्क। प्रधान सचिव, कृषि विभाग, बिहार श्री पंकज कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि राज्य में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अवैध भंडारण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों को समय पर एवं उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराना कृषि विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और इसके लिए विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

प्रधान सचिव ने बताया कि उर्वरकों की कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण हेतु कृषि विभाग द्वारा जिला प्रशासन एवं एस.एस.बी. (सशस्त्र सीमा बल) के साथ समन्वय स्थापित कर लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही मुख्यालय स्तर से गठित उड़नदस्ता (फ्लाइंग स्क्वॉड) की टीमें भी नियमित रूप से विभिन्न जिलों एवं प्रखंडों में जाकर उर्वरक प्रतिष्ठानों, गोदामों एवं संदिग्ध स्थलों की सघन जाँच कर रही हैं।

इसी क्रम में पूर्वी चंपारण जिले के बनकटवा प्रखंड अंतर्गत रेगनिया एवं अगरवा ग्राम में अवैध उर्वरक भंडारण की सूचना पर संयुक्त छापेमारी की गई। छापेमारी अभियान के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों एवं निजी आवासों से बड़े पैमाने पर उर्वरकों की अवैध जमाखोरी का खुलासा हुआ। रेगनिया स्थित मे० आकाश फर्टिलाइजर्स के गोदाम से 81 बैग यूरिया तथा मे० जावेद खाद भंडार के गोदाम से 370 बैग यूरिया जब्त किए गए। इसके अतिरिक्त पुरूषोत्तम यादव के आवास से 650 बैग, अरविन्द के आवास से 80 बोरा एवं मदन के आवास से 25 बोरा यूरिया बरामद किया गया। वहीं मे० भवानी खाद भंडार के गोदाम से 600 बोरा यूरिया के साथ 100 बोरा एसएसपी तथा 50 बोरा एमओपी भी जब्त किया गया।

प्रधान सचिव ने कहा कि अवैध रूप से संग्रहित उर्वरकों की जब्ती के साथ-साथ संबंधित व्यक्तियों एवं प्रतिष्ठानों के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 एवं अन्य प्रासंगिक अधिनियमों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। दोषियों के लाइसेंस निरस्तीकरण, प्राथमिकी दर्ज करने तथा अन्य दंडात्मक प्रावधानों पर भी सख्ती से अमल किया जाएगा।

उन्होंने किसानों से अपील की कि वे केवल अधिकृत एवं लाइसेंसधारी उर्वरक विक्रेताओं से ही उर्वरक की खरीद करें तथा किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, अधिक मूल्य वसूली या अवैध भंडारण की सूचना तुरंत स्थानीय कृषि कार्यालय या जिला प्रशासन को दें। कृषि विभाग राज्य के किसानों के हितों की रक्षा हेतु आगे भी ऐसे अभियान पूरी सख्ती के साथ जारी रखेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *