बीपी डेस्क। बिहार के रेल यात्रियों के लिए केंद्र सरकार और भारतीय रेलवे की ओर से राज्य को कनेक्टिविटी के मोर्चे पर एक और मजबूत तोहफा मिलने जा रहा है। 17 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे, जिनका सीधा लाभ बिहार के दर्जनों जिलों को मिलेगा।
ये ट्रेनें न सिर्फ उत्तर भारत, पूर्वोत्तर, बंगाल और महाराष्ट्र जैसे बड़े क्षेत्रों को जोड़ेंगी, बल्कि बिहार को देश के प्रमुख आर्थिक और शैक्षणिक केंद्रों से भी सीधे जोड़ने का काम करेंगी। नई अमृत भारत ट्रेनों की खास बात यह है कि ये लंबी दूरी की यात्रा को अधिक सुविधाजनक और समयबद्ध बनाएंगी। हालांकि अभी इनकी समय-सारणी जारी नहीं की गई है, लेकिन जिन स्टेशनों पर ठहराव तय किया गया है, उनसे साफ है कि रेलवे ने बिहार के लगभग हर महत्वपूर्ण रेलखंड को प्राथमिकता दी है।
इससे राज्य के व्यापार, रोजगार और आवागमन पर सीधा सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है। डिब्रूगढ़ से गोमती नगर के बीच चलने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस सप्ताह में एक दिन संचालित होगी। यह ट्रेन डिब्रूगढ़ से शुक्रवार और गोमती नगर से रविवार को रवाना होगी।
बिहार में इसके ठहराव किशनगंज, बारसोई, कटिहार, नवगछिया, मानसी, खगड़िया, बेगूसराय, बरौनी, हाजीपुर, सोनपुर, छपरा और सीवान जैसे प्रमुख स्टेशनों पर दिए गए हैं। इससे सीमांचल से लेकर उत्तर बिहार तक के यात्रियों को सीधी सुविधा मिलेगी।
इसी तरह बनारस और सियालदह के बीच चलने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस सप्ताह में तीन दिन दोनों दिशाओं में दौड़ेगी और इसका ठहराव पटना में भी रहेगा। यह ट्रेन धार्मिक, सांस्कृतिक और व्यावसायिक यात्राओं के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।
वहीं हावड़ा से आनंद विहार के बीच प्रस्तावित साप्ताहिक अमृत भारत ट्रेन बिहार के कैमूर, रोहतास और मगध क्षेत्र को राजधानी दिल्ली से बेहतर कनेक्टिविटी देगी। भभुआ रोड, सासाराम, डेहरी ऑन सोन, अनुग्रह नारायण रोड और गया में इसके ठहराव से इस क्षेत्र के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
