बीपी डेस्क। महारानी कामसुंदरी देवी के निधन के बाद युवराज कपिलेश्वर सिंह दरभंगा पहुंचने के बाद सीधे वो श्यामा माई मंदिर परिसर स्थित समाधि स्थल पहुंचे और दादी मां को नमन किया। इसके बाद उन्होंने कल्याणी निवास पहुंचकर अपने चचेरे भाई रत्नेश्वर सिंह से मुलाक़ात किया। इसके बाद महारानी के विधिवत श्राद्ध कर्म की रूप रेखा तैयार की गई।
वहीं कपिलेश्वर सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा की दादी के समाधि स्थल पर भव्य मंदिर का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा की महारानी के श्राद्ध कर्म में देश विदेशों से कई बड़ी हस्तियां भी आएंगी। सभी लोगों को श्राद्ध कर्म में आने के लिए न्योता देने का काम भी शुरू कर दिया गया है।
माना जा रहा है कि महारानी के श्राद्ध कर्म के बाद कल्याणी निवास पर राजपरिवार कुमार कपिलेश्वर सिंह का कब्जा होगा। हालांकि महारानी कामसुंदरी देवी के निधन के बाद उनकी दो बहनों के पुत्रों और पौत्रों के बीच अंतिम संस्कार से पहले ही मारपीट शुरू हो गई है। अब देखना है की यह विवाद खत्म कब और कहां होता है।
अब उनके निधन के बाद उनकी बहनों के पुत्र महारानी का श्राद्ध कर्म अपने तरीके से करना चाहते है, जबकि राज परिवार के कपिलेश्वर सिंह और उनके भाई रत्नेश्वर सिंह अपने राजशाही अंदाज में करना चाहते है। हालांकि अब कपिलेश्वर सिंह के आने के बाद महारानी के बहनों के बेटों के श्राद्ध करने के दावों को ख़ारिज कर दिया है।
बताया जाता है महारानी के निधन के बाद श्राद्ध कर्म समाप्त होते ही कल्याणी निवास पर कुमार कपिलेश्वर सिंह और उनके भाइयों का हो जाएगा। इस बात का डीड महाराजा कामेश्वर सिंह ने पहले इस तरह का डीड बना दिया था। हालांकि इसको लेकर ट्रस्ट और राजपरिवार के काफ़ी दिनों तक कोर्ट में मामला चला था।
इस मामले में भी कोर्ट ने कुछ दिनों पहले ही राज परिवार के कुमार कपिलेश्वर सिंह के पक्ष में फैसला सुनाया था। इस बात को श्राद्ध के बाद एक बड़ा विवाद महारानी के बहनो के बेटों से होना तय माना जा रहा है।
इस बीच महारानी के निधन के बाद दरभंगा पुलिस भी काफी बारीकी से नजर बनाए हुए है। हालांकि अंतिम संस्कार से पहले कल्याणी निवास में पुलिस के सामने ही जमकर मारपीट हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर बीच बचाव किया था।
