बीपी डेस्क। पटना के सबसे व्यस्त बस टर्मिनल बैरिया बस स्टैंड के विस्तार का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है. इसके लिए पांच एकड़ जमीन का अधिग्रहण कार्य पूरा कर लिया गया है. लगभग डेढ़ साल पहले शुरू हुई यह प्रक्रिया बीते माह समाप्त हुई, जिसमें राज्य सरकार द्वारा आवंटित 59 करोड़ रुपये का उपयोग भूमि मुआवजे में किया गया.
अब जल्द ही इस जमीन का औपचारिक हस्तांतरण विकास विभाग को किया जाएगा, जिसके बाद बुडको यहां आधारभूत संरचना के विकास का काम शुरू करेगा.जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ने विकास विभाग को पत्र लिखकर एक अधिकारी की नियुक्ति की मांग की है, जिसके सामने नापी कराकर अधिगृहीत भूमि विभाग को सौंपी जा सके.
महीने के अंत तक यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी. इसके बाद बैरिया बस स्टैंड विस्तार की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी और निर्माण कार्य की रफ्तार तेज होगी. बैरिया बस स्टैंड 25.3 एकड़ में फैला हुआ है, जिस पर करीब 350 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं. विस्तार के बाद इसका क्षेत्रफल बढ़कर 30.3 एकड़ हो जाएगा. पांच एकड़ अतिरिक्त जमीन मिलने से बसों को खड़ा करने के लिए ज्यादा जगह मिलेगी और टर्मिनल के भीतर ट्रैफिक दबाव कम होगा.
इससे बसों के आगमन और प्रस्थान में होने वाली अव्यवस्था पर भी काफी हद तक काबू पाया जा सकेगा. बैरिया बस स्टैंड से प्रतिदिन करीब 1100 बसें प्रदेश के भीतर और बाहर लगभग तीन दर्जन रूटों के लिए खुलती हैं. रोजाना 50 हजार से अधिक यात्री यहां से आते-जाते हैं. इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों और बसों के कारण मौजूदा ढांचे पर भारी दबाव रहता है.
विस्तार के बाद न सिर्फ बसों की संख्या को बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा, बल्कि यात्रियों के लिए भी ज्यादा खुला और सुव्यवस्थित माहौल बनेगा.अतिरिक्त जमीन मिलने से यात्री सुविधाओं के विस्तार का रास्ता भी खुलेगा. प्रतीक्षालय, शौचालय, पेयजल, टिकट काउंटर, पार्किंग और आंतरिक सड़कों जैसी सुविधाओं को और बेहतर किया जा सकेगा. इससे यात्रियों को भीड़भाड़ और अव्यवस्था से राहत मिलेगी और उनका सफर अनुभव ज्यादा सुरक्षित व आरामदायक होगा.
अगले महीने से बुडको द्वारा यहां आधारभूत संरचना के विकास का काम शुरू कर दिया जाएगा. इसमें बस टर्मिनल की आंतरिक व्यवस्था, पार्किंग सिस्टम और यात्री सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी.
बैरिया बस स्टैंड का यह विस्तार सिर्फ एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि पटना के सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम है. बढ़ती आबादी और यात्री संख्या को देखते हुए यह फैसला आने वाले वर्षों में शहर की यातायात व्यवस्था को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाएगा.
