बीपी डेस्क : बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के तत्वावधान में विजय हजारे ट्रॉफी प्लेट का फाइनल मुकाबला मंगलवार को जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स, रांची में खेला गया, जिसमें बिहार ने मणिपुर को 6 विकेट से पराजित करते हुए टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया।
मुकाबले में टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए मणिपुर की टीम 47.5 ओवर में 169 रन पर सिमट गई। मणिपुर की ओर से उलेंनयाई ख्वैराकपम ने 61 रन और जोतिन फेइरोजाम ने 51 रन बनाकर टीम को संभालने का प्रयास किया, लेकिन बिहार के गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर स्कोर को सीमित रखा और मणिपुर के बल्लेबाजों को खुल कर खेलने का मौका ही नहीं दिया।
बिहार की ओर से शब्बीर खान ने प्रभावी गेंदबाजी करते हुए 8 ओवर में 30 रन देकर 7 विकेट हासिल किए जिसमें हैट्रिक विकेट भी शामिल है, जबकि हिमांशु तिवारी ने 3 विकेट लिए। बिहार के गेंदबाज मणिपुर के ऊपर कहर बनकर बरपे और 4 बल्लेबाजों को बिना खता खोले वापस पवेलियन भेज दिए।
170 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बिहार की शुरुआत संतुलित रही। मंगल महरौर ने 32 रन और पियूष कुमार सिंह ने 21 रन बनाकर टीम को ठोस आधार दिया। इसके बाद आयुष लोहारुका ने जिम्मेदारी भरी प्रभावी पारी खेलते हुए 72 गेंदों में 75 रन बनाए और लक्ष्य को आसान बना दिया। कप्तान साक़ीबुल गनी ने 13 रन का योगदान दिया, जबकि आकाश राज 20 रन और बिपिन सौरभ 8 रन बनाकर नाबाद लौटे। बिहार ने 31.2 ओवर में 4 विकेट खोकर 170 रन बनाकर लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया।
इस अवसर पर बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री हर्षवर्धन ने बिहार टीम को विजय हजारे ट्रॉफी प्लेट का खिताब जीतने पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि – ”पूरे टूर्नामेंट के दौरान बिहार टीम ने अनुशासन, टीम संतुलन और खेल की परिस्थितियों के अनुरूप निरंतर प्रदर्शन किया, जिसका परिणाम फाइनल मुकाबले में खिताबी जीत के रूप में सामने आया।”
अध्यक्ष ने खिलाड़ियों के साथ-साथ कोचिंग स्टाफ और सपोर्ट स्टाफ के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि – ”यह सफलता सामूहिक प्रयास का परिणाम है। उन्होंने पूरे बिहार क्रिकेट एसोसिएशन परिवार को भी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और उम्मीद जताई कि यह जीत बिहार क्रिकेट को आगे बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक आधार प्रदान करेगी तथा आने वाले समय में टीम इसी निरंतरता के साथ प्रदर्शन करती रहेगी।”
इस जीत के साथ बिहार ने विजय हजारे ट्रॉफी प्लेट में पूरे सत्र के दौरान निरंतर और प्रभावी प्रदर्शन करते हुए बिना कोई मुकाबला गंवाए खिताब अपने नाम किया। इस पुरे मुकाबले में टीम संतुलन, अनुशासन और खेल की स्थिति के अनुरूप अपने प्रदर्शन के दम पर खिताब जीतने में सफल रही।
