बीपी डेस्क। मकर संक्रांति के मौके पर बिहार में परंपरा और राजनीति एक बार फिर साथ-साथ नजर आई। दही-चूड़ा भोज के बहाने राजधानी पटना में सत्ता और विपक्ष, दोनों खेमों की राजनीतिक हलचल साफ दिखी। एक ओर जेडीयू नेता और पूर्व मंत्री रत्नेश सदा के आवास पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी ने सियासी संदेश दिया।
तो वहीं दूसरी ओर बीजेपी दफ्तर और तेज प्रताप यादव के आवास पर भी राजनीतिक जमावड़ा चर्चा में रहा। रत्नेश सदा के आवास पर आयोजित दही-चूड़ा भोज को जेडीयू की ओर से अहम आयोजन माना जा रहा है।
सुबह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार यहां पहुंचे और रत्नेश सदा को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं। सीएम की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि पार्टी संगठन और नेतृत्व के बीच संवाद मजबूत है। इस दौरान जेडीयू और एनडीए से जुड़े कई नेता और कार्यकर्ता भी भोज में शामिल हुए।
मौके पर रत्नेश सदा ने कहा, मेरी टिकट को लेकर हेरफेर की जा रही थी, लेकिन नीतीश कुमार ने मुझे बुलाकर टिकट दिया। बीजेपी दफ्तर में दही-चूड़ा भोज के बीजेपी के बड़े नेता पहुंचे हैं।
