बीपी डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली हार के कारणों पर चर्चा करने के लिए मधुबनी में कांग्रेस की जिला स्तरीय बैठक बुलाई गई थी। लेकिन बैठक शुरू होते ही माहौल गरमा गया और कार्यकर्ताओं के दो गुट आपस में उलझ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि पार्टी झंडा लगे डंडों से मारपीट शुरू हो गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हंगामे की मुख्य वजह चुनाव के दौरान हुआ टिकट वितरण बताया जा रहा है।
नाराज कार्यकर्ताओं का आरोप था कि टिकटों के बंटवारे में मनमानी की गई, जिसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ा। इसी बात को लेकर शुरू हुई बहस धक्का-मुक्की और फिर खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई। मंच पर मौजूद प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और पूर्व सीएलपी लीडर शकील अहमद खान लगातार माइक से शांति बनाए रखने की अपील करते रहे, लेकिन उग्र कार्यकर्ता किसी की सुनने को तैयार नहीं थे।
काफी देर तक कार्यक्रम बाधित रहा और दिग्गज नेताओं के सामने ही अनुशासन की धज्जियां उड़ती रहीं। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी मेयर और कांग्रेस नेता अमानुल्लाह खान ने स्वीकार किया कि टिकट वितरण को लेकर कार्यकर्ताओं में असंतोष था।
उन्होंने कहा कि मारपीट करने वाले सभी पार्टी के ही लोग हैं, हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टिकटों की अंतिम सूची दिल्ली आलाकमान की ओर से तय की गई थी। उन्होंने अनुशासनहीनता पर दुख जताते हुए कहा कि बातचीत से समाधान निकाला जाना चाहिए था।
