नवीन सिंह। राज्य में भूमि सुधार जनकल्याण संवाद की शुरुआत की गई है। इस दौरान डिप्टी सीएम एक्शन में दिखे और लापरवाह अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी। इस दौरान उन्होंने भू-माफिया और जमीन की दलाली करने वाले लोगों को भी चेताया। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि यह पहल न तो सुर्खियां बटोरने के लिए है और न ही भाषण देने या किसी अधिकारी-कर्मचारी को हतोत्साहित करने के लिए।
इसका एकमात्र उद्देश्य जनता की वास्तविक समस्याओं को सुनना, समझना और उनका नियमानुकूल समाधान सुनिश्चित करना है। प्रेक्षा गृह सह आर्ट गैलरी, पूर्णिया में आयोजित उद्घाटन संवाद को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम न्यायालयों के कार्यक्षेत्र में हस्तक्षेप करने का प्रयास नहीं है।
संविधान, संवैधानिक संस्थाओं और न्यायिक सीमाओं का पूर्ण सम्मान करते हुए ही समस्याओं का समाधान किया जाएगा। विभाग किसी भी स्तर पर माननीय न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में दखल नहीं देगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी मंत्री, नेता या वरिष्ठ अधिकारी के नाम का इस्तेमाल कर हल्का, अंचल या जिला स्तर पर अवांछित दबाव बनाने की प्रवृत्ति को कड़ाई से रोका जाएगा।
राजस्व कर्मचारी, अंचलाधिकारी (CO), भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) और अपर समाहर्ता (ADM) पर किसी भी प्रकार का अनावश्यक दबाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कहीं ऐसा प्रयास हो, तो संबंधित पदाधिकारी तत्काल विभाग को सूचित करें।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस संवाद का लक्ष्य राजस्व एवं भूमि सुधार से जुड़ी मूलभूत अड़चनों और जनसमस्याओं को समझना है, ताकि हल्का और अंचल स्तर पर इतनी पारदर्शी व्यवस्था विकसित हो सके कि भूमि विवाद की संभावना न्यूनतम रह जाए। यदि विवाद उत्पन्न हों भी, तो उनका समयबद्ध निपटारा अंचलाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता और अपर समाहर्ता के स्तर पर हो, जिससे न्यायालयों पर बोझ कम किया जा सकेगा।
