बीपी डेस्क। JDU के वरिष्ठ नेता और सांसद ललन सिंह ने पार्टी के पूर्व सहयोगियों प्रशांत किशोर और आरसीपी सिंह पर कड़ा प्रहार किया है। एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि जो लोग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व और उनकी छवि को धूमिल करने की कोशिश कर चुके हैं, उनकी पार्टी में वापसी की कोई भी संभावना नहीं है।
ललन सिंह के इस बयान ने बिहार की राजनीति में चल रही तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है। प्रशांत किशोर के बारे में पूछे जाने पर ललन सिंह ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि वह उन्हें जानते तक नहीं हैं। उन्होंने पीके के पुराने बयानों की याद दिलाते हुए कहा कि जो व्यक्ति कुछ समय पहले तक नीतीश कुमार को राजनीति से बाहर करने और उन्हें मिट्टी में मिलाने की बातें करता था, वह आज खुद राजनीति के हाशिये पर है।
ललन सिंह ने कहा कि ऐसे लोगों की बातों को पार्टी गंभीरता से नहीं लेती और न ही उनके लिए भविष्य में कोई स्थान सुरक्षित है। कहा की प्रशांत किशोर ने जदयू को 25 सीट भी नहीं आने का दावा किया था। यहाँ तक की राजनीति छोड़ने का भी ऐलान किया था। लेकिन जदयू 85 सीटें जीती। उन्हें राजनीति छोड़ देना चाहिए। अभी तक छोड़ा क्यों नही? पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह का जिक्र आते ही ललन सिंह और अधिक हमलावर नजर आए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने पार्टी के भीतर रहकर ही भितरघात की थी, जिसके कारण जेडीयू की सीटें 72 से घटकर 42 पर आ गई थीं। उन्होंने इसे एक सोची-समझी साजिश करार दिया और कहा कि पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं ने अब उस नुकसान की भरपाई कर ली है। अब फिर बिहार की जनता ने नीतीश कुमार पर विश्वास किया।
जिससे पार्टी 85 सीट जीत गयी। ललन सिंह के अनुसार, षड्यंत्रकारियों को जनता ने पहचान लिया है और अब उनकी दाल जेडीयू में नहीं गलने वाली। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की बैठकों और उनकी रणनीति पर टिप्पणी करते हुए ललन सिंह ने कहा कि हर पार्टी को अपनी गतिविधियां चलाने का अधिकार है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि तेजस्वी अपनी पार्टी की मजबूती के लिए जो भी कर रहे हैं, वह उनका आंतरिक मामला है और इससे जेडीयू की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ने वाला। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार का विकास निरंतर जारी है और जनता का भरोसा आज भी उन्हीं के साथ है।
