सेंट्रल डेस्क। महाराष्ट्र नगर निकायों में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने राज्य भर में कुल 114 सीटों पर जीत हासिल की है. AIMIM पार्टी के नेता शारिक नक्शबंदी ने इस बात की जानकारी दी और कहा कि पिछले चुनावों में कम अंतर से मिली हार ने कार्यकर्ताओं को निकाय चुनाव में जीत सुनिश्चित करने का जोश दिया. AIMIM नेता ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी के घर-घर जाकर चुनाव प्रचार करने और पिछले चुनावों में बहुत कम मतों के अंतर से मिली हार ने पार्टी कार्यकर्ताओं को महाराष्ट्र के निकाय चुनावों में जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया.
एआईएमआईएम ने छत्रपति संभाजीनगर में 33 सीटें, मालेगांव में 21, अमरावती में 15, नांदेड़ में 13, धुले में 10, सोलापुर में 8, मुंबई में 6, ठाणे में 5, जलगांव में 2 और चंद्रपुर में 1 सीट जीती. नक्शबंदी ने बताया कि पिछले नगर निकाय चुनावों में 80 सीटें जीतने से पार्टी को शहरी मतदाताओं के मिजाज का अंदाजा हो गया था, जिससे उसे जीत हासिल करने में मदद मिली.
शुरुआत में, छत्रपति संभाजीनगर में उम्मीदवारी को लेकर एआईएमआईएम को अपने ही लोगों से चुनौती का सामना करना पड़ा. बाद में, असदुद्दीन ओवैसी की मौजूदगी और उनकी रैलियों के कारण हमें यहां 33 पर जीत हासिल की. इस बार हमने मुंबई से लेकर चंद्रपुर तक सभी जगह पर जीत दर्ज की है.
महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के कार्यकर्ताओं में असदुद्दीन ओवैसी के घर-घर जाकर किए गए प्रचार और पिछले चुनावों में मामूली हार का दर्द झलक रहा था, जिसके चलते पार्टी ने राज्य भर में 114 सीटें जीतीं.
पार्टी के नेता शारेक नक्शबंदी ने शुक्रवार को यहां यह जानकारी दी. नक्शबंदी ने कहा कि ओवैसी ने 2015 की तुलना में चुनाव प्रचार के लिए अधिक समय दिया और असंतुष्ट नेताओं से बात करके और उनमें से लगभग 70 प्रतिशत को मनाकर असंतोष को दूर करने में सफल रहे.
