सेंट्रल डेस्क। इस साल राज्यसभा की तस्वीर मौजूदा साल से अलग होगी, ऊपरी सदन की 75 सीटों पर चुनाव है, इनमें से कई सीटों का भविष्य कई राज्यों में होने वाले चुनाव तय करेंगे। इतना ही नहीं, आने वाले साल में राज्यसभा में दिखने वाले कई राजनेताओं के कार्यकाल खत्म हो रहे हैं। केरल, पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु जैसे राज्यों में चुनाव हैं, जिसके बाद वहां की विधानसभाओं की तस्वीर बदलेगी।
साल 2026 में मोदी सरकार के छह मंत्रियों का भी राज्यसभा टर्म पूरा होगा। इनका टर्म ऐसे समय पूरा होगा जब मोदी सरकार में बड़े बदलाव की भी संभावना बतायी जा रही है। महाराष्ट्र में रामदास अठावले बीजेपी के समर्थन से दो बार से राज्यसभा जा रहे हैं।
लेकिन, हाल में उनका एनडीए में संबंध कोई बहुत बेहतर नहीं रहा है। बीएमसी चुनाव में भी वह सीट शेयरिंग को लेकर नाराज हैं। मंत्रिमंडल फेरबदल में कई पुराने मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है।
बिहार में अप्रैल में राज्यसभा की पांच सीटें खाली हो रही है। राज्यसभा में जिन सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, उनमें राष्ट्रीय जनता दल के प्रेम चंद गुप्ता, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, आरएलएम उपेंद्र कुशवाहा, जेडीयू के हरिवंश नारायण शामिल हैं।
243 सदस्यीय विधानसभा में एक सीट पर जीत के लिए 41 विधायकों के के सपोर्ट की जरूरत है, 202 विधायकों के साथ एनडीए के खाते में 5 में से 4 सीटें आ जाए तो हैरानी की बात नहीं होगी, हालांकि 35 सीटों के साथ इंडिया गठबंधन एक भी सीट अपनी जीतने की स्थिति में नहीं है, ऐसे में 5 बविधायकों वाले AIMIM की भूमिका अहम होगी। इससे राज्यसभा में आरजेडी का रूतबा कम होगा और उनकी गिनती अन्य दलों में होगी।
