बीपी डेस्क। पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में जांच तेज हो गई है. रविवार को SIT (विशेष जांच टीम) एक्शन में नजर आई. टीम प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल पहुंची. यहां डॉक्टरों से लंबी पूछताछ की गई. छात्रा की मेडिकल हिस्ट्री को खंगाला जा रहा है. इलाज से जुड़े हर बिंदु की जांच हो रही है. इस मामले पर डिप्टी सीएम और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने भी बड़ा बया दिया है.
उन्होंने कहा है कि कोई अपराधी नहीं बचेगा. उच्च स्तरीय टीम जांच कर रही है. DGP खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं. इस मामले पर एएसपी अभिनव से पत्रकारों ने सवाल किया कि आपने जल्दबाजी में क्यों बयान दिया. इतनी जल्दी क्या थी? इस पर उन्होंने कुछ नहीं बोला. वे मीडिया से बचते नजर आए. अपनी गाड़ी छोड़ SDPO सचिवालय-1, डॉक्टर अन्नू की गाड़ी में बैठकर निकल गए.
SIT में ASP सदर अभिनव, SDPO सचिवालय-1, डॉक्टर अन्नू समेत कई अधिकारी शामिल हैं. अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ से अलग-अलग सवाल पूछे जा रहे हैं. यह जानने की कोशिश हो रही है कि इलाज के दौरान क्या-क्या किया गया और किन परिस्थितियों में छात्रा की मौत हुई.
SIT की टीम सहज सर्जरी नर्सिंग होम भी पहुंची थी. यहां अस्पताल के डॉक्टरों और काउंटर पर मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ की गई. यह अस्पताल डॉक्टर सहजानंद प्रसाद सिंह का है. सहजानंद IMA के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. बताया गया है कि छात्रा का पहला इलाज इसी अस्पताल में हुआ था. बाद में उसकी हालत बिगड़ने पर उसे प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल रेफर किया गया.
जांच के साथ-साथ इस मामले में सियासत भी तेज हो गई है. विपक्ष लगातार सरकार और पुलिस पर सवाल उठा रहा है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि बिहार की लॉ एंड ऑर्डर व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सच को दबाने की कोशिश कर रही है.
