चंपारण विशेष : मोतिहारी सेंट्रल जेल की अद्भुत कला कौशल की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान

मोतिहारी

मजबूरी में भी कैदियों का कमाल, चंपारण गौरवान्वित

मोतिहारी, राजन द्विवेदी। मोतिहारी केंद्रीय कारा के कैदियों की अद्भुत कला कौशल राष्ट्रीय फलक पर विशेष पहचान बनाने में जुटा है। राज्य स्तरीय प्रशिक्षण प्रतिभा कार्यक्रमों में अपने कौशल कला का डंका भी बजा दिया है। अब राष्ट्रीय फलक पर अपने उत्पादों की पहचान बनाने में मोती सेंट्रल जेल के कैदियों का उत्पाद जुट गया है। इन उत्पादों को देखते ही बरबस जेहन में एक स्मार्ट यूजर्स बनने की इच्छा होने लगती है। सफारी स्टाइल बैग के इस्तेमाल में एक अलग आकर्षण।

कुल मिलाकर मोतिहारी सेंट्रल जेल में भारी बदलाव दिखता है है, जो बिहार को लघु उद्योग में क्रांति का सूत्रपात करता नजर आता है। इसके लिए जेल के अंदर कैदियों के लिए सबकुछ ठीकठाक व्यवस्था है। साफ सफाई से लेकर खाना पीना सब संतोष जनक है। जहां अपने कला कौशल को कैदी उत्थान दे रहे हैं। जहां अनेक कारिगगर है जो विभिन्न तरह का सामान जेल के अंदर ही बना रहें हैं।

उनकी कलाकारी भी उम्मीद से अधिक शानदार है। पेंटिंग,सिलाई, कढ़ाई सब कुछ शानदार। जेल से बनी सामाग्री बेचने के लिए मोतिहारी केंद्रीय कारा ने एक बिक्री केंद्र खोले रखा है, जो जेल गेट के बाहर स्थित है। वहां कैदियों द्वारा बनाई गई अनेक कलाकृतियों को देखा गया। हैंडबैग, फाइल, बेडशीट सहित कई सुंदर और मजबूत सामान देखने को मिला।उसी केंद्र पर एक युवक से भेंट हुई।

वे जेल में रहकर आए थे। उन्होंने ने बताया कि मोतिहारी केंद्रीय कारा में बहुत बदलाव आए हैं। कैदियों की सुख सुविधा का पूरा ख्याल रखा जाता है। साफ-सफाई और खाने-पीने में भी कोई परेशानी नहीं है। और सबसे बड़ी बात यह कि जेल के अधीक्षक एवं जेलर दोनों का व्यवहार मानवीय संवेदना से भरपूर है।

जेल के अंदर कैदी ही विभिन्न तरह का सामान बनाते हैं। बिक्री केंद्र पर जेल का एक सिपाही प्रतिनियुक्त है। उन्होंने ने पूरे इत्मिनान से जेल के अंदर बने सामान को दिखाया और कहा कि इसकी बिक्री से कैदी कारीगरों का हौसला बढ़ता है।