‘नशा मुक्त बिहार’ के लिए आयोजित मैराथन में हजारों युवाओं ने लिया भाग, पीवी सिंधु ने दौड़ को दिखाई हरी झंडी

पटना

बीपी डेस्क। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में ‘नशा मुक्त बिहार’ थीम पर भव्य मैराथन का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ओलंपिक पदक विजेता बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु रहीं, जिन्होंने दौड़ को फ्लैग ऑफ कर इसकी शुरुआत की. इस दौरान उन्होंने कहा कि पटना मैराथन में दूसरी बार शामिल होकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है और बिहार के युवाओं में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है.

मैराथन की शुरुआत करते हुए पीवी सिंधु ने कहा कि पटना की यह मैराथन युवाओं के बीच सकारात्मक संदेश फैलाने का बेहतरीन मंच है. उन्होंने बताया कि वह पहले भी पटना आ चुकी हैं और यहां के लोगों का उत्साह हमेशा प्रेरित करता है.

सिंधु ने कहा कि खेल और फिटनेस युवाओं को नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने आयोजन के लिए स्टेट बैंक आंफ इंडिया और मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक संदेश देने का काम करते हैं. इस मैराथन में ओलंपिक पदक विजेता बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु की मौजूदगी युवाओं के लिए प्रेरणादायक है.

पीवी सिंधु के पटना आने पर उन्होंने आभार व्यक्त किया और कहा कि आने वाले दिनों में यह कार्यक्रम और भी बेहतर और बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा, ताकि ‘नशा मुक्त बिहार’ का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके. मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग और स्टेट बैंक आंफ इंडिया के सहयोग से हर साल आयोजित होने वाली इस मैराथन में इस बार करीब 10 हजार लोगों ने भाग लिया.

दौड़ को चार अलग-अलग श्रेणियों में आयोजित किया गया, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए धावकों के साथ-साथ केन्या और इथोपिया के अंतरराष्ट्रीय एथलीट भी शामिल हुए. प्रतियोगिता के विजेताओं के लिए आकर्षक पुरस्कार भी घोषित किए गए हैं.

मैराथन के विजेता को दो लाख रुपये तक का इनाम दिया जाएगा, जबकि विभिन्न श्रेणियों में कुल 30 लाख रुपये की पुरस्कार राशि तय की गई है. मैराथन की शुरुआत गांधी मैदान गेट नंबर एक से हुई. इसके बाद धावक चिल्ड्रेन पार्क, आयुक्त कार्यालय, जेपी गंगा पथ, दीघा गोलंबर, अटल पथ, राजीव नगर क्रिकेट अकादमी, एसके पुरी पार्क होते हुए वापस गांधी मैदान पहुंचे. शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए इस दौड़ ने लोगों के बीच ‘नशा मुक्त बिहार’ का संदेश फैलाया.