बीपी डेस्क। बिहार में राज्यसभा चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दल अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने और उन्हें मतदान की प्रक्रिया समझाने में लगे हुए हैं. इसी सिलसिले में रविवार को पटना में एनडीए की एक बैठक आयोजित की गई.
यह बैठक बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर हुई. इसमें एनडीए के सभी विधायक और विधान पार्षद शामिल हुए. बैठक का मकसद राज्यसभा चुनाव की तैयारी करना और विधायकों को मतदान की पूरी प्रक्रिया समझाना था. इसके लिए मॉक वोटिंग भी कराई गई, ताकि सभी विधायक यह ठीक से समझ सकें कि वोट कैसे डालना है.
मंत्री संजय पासवान ने बैठक के बाद कहा कि कई विधायकों को राज्यसभा चुनाव में मतदान का अनुभव नहीं है. 2014 के बाद अब फिर से ऐसी स्थिति आई है जब विधायकों को वोट डालना है. इसलिए सभी को पहले से प्रक्रिया समझाना जरूरी है, ताकि मतदान के समय कोई गलती न हो.
उन्होंने विपक्ष पर भी तंज कसते हुए कहा कि महागठबंधन को अपने ही विधायकों पर भरोसा नहीं है, इसलिए वे उन्हें एक जगह पर रख रहे हैं. एनडीए के विधायक पूरी तरह स्वतंत्र हैं और उन्हें किसी तरह की चिंता नहीं है. उन्होंने भरोसा जताया कि एनडीए के पास पर्याप्त संख्या है और चुनाव का परिणाम जल्द साफ हो जाएगा.
मंत्री राम कृपाल यादव ने भी कहा कि अगर कोई विधायक नजरबंद किए जाने की शिकायत करता है तो सरकार कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी. उन्होंने कहा कि देश में कानून का राज है और किसी भी तरह की गलत हरकत पर कार्रवाई जरूर होगी. जदयू विधायक विनय चौधरी ने बताया कि बैठक में सिर्फ मतदान की प्रक्रिया समझाई गई है, ताकि किसी का वोट तकनीकी वजह से रद्द न हो.
भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर ने कहा कि कई नए विधायक पहली बार राज्यसभा चुनाव में वोट डालेंगे. इसलिए उन्हें जरूरी नियमों के बारे में बताया गया है, जैसे कि पहचान पत्र साथ रखना और सही तरीके से मतदान करना. एनडीए नेताओं का कहना है कि गठबंधन के सभी पांच उम्मीदवार इस चुनाव में जीत हासिल करेंगे. फिलहाल चुनाव से पहले दोनों पक्षों में राजनीतिक बयानबाजी और रणनीति बनाने का दौर जारी है.
