राजन दत्त। बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए हुई वोटिंग का रिजल्ट लगभग क्लियर है. इस चुनाव में एनडीए ने सभी पांच सीटों पर जीत दर्ज कर क्लीन स्वीप कर लिया है. बस औपचारिक ऐलान बाकी है. एनडीए को कुल 202 वोट मिले, जबकि महागठबंधन को सिर्फ 37 वोट ही मिल सके. चुनाव के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी भी तेज हो गई है.
डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने राजद और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि राजद अपने ही विधायकों को होटल में बंधुआ मजदूर की तरह रखती है. विजय सिन्हा ने कहा कि यह तरीका राजद और कांग्रेस की पुरानी राजनीतिक संस्कृति रही है. लोगों को मजदूरों की तरह बुलाकर होटल में रोक कर रखना इनकी आदत बन चुकी है.
डिप्टी सीएम ने कहा कि ऐसा सिर्फ भौकाल बनाने के लिए किया जाता है. उनके मुताबिक इससे डर का माहौल बनाया जाता है. उन्होंने कहा कि अपने ही साथियों को डरा-धमकाकर नियंत्रित रखना महागठबंधन की राजनीति का हिस्सा बन गया है.
राज्यसभा चुनाव के दौरान महागठबंधन को बड़ा झटका लगा. उनके चार विधायक मतदान के लिए विधानसभा नहीं पहुंचे. इनमें राजद के विधायक फैसल रहमान और कांग्रेस के मनोहर प्रसाद, मनोज विश्वास और सुरेंद्र प्रसाद शामिल हैं. इन विधायकों की गैरमौजूदगी को भी चुनाव परिणाम से जोड़कर देखा जा रहा है.
इस चुनाव में एनडीए की ओर से नीतीश कुमार, नितिन नबीन, रामनाथ ठाकुर, शिवेश राम और उपेंद्र कुशवाहा की जीत लगभग तय है. औपचारिक ऐलान बाकी है. वहीं महागठबंधन ने राष्ट्रीय जनता दल के एडी सिंह को उम्मीदवार बनाया था.
इधर कांग्रेस ने वोटिंग से दूर रहने वाले अपने विधायकों पर कार्रवाई के संकेत दिए हैं. बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि मतदान से पहले तक सभी विधायक संपर्क में थे, लेकिन तीन विधायक वोटिंग में शामिल नहीं हुए.
कांग्रेस नेता भक्त चरण दास ने कहा कि पार्टी इन विधायकों की सदस्यता रद्द करने के लिए विधानसभा स्पीकर को अर्जी देगी. अगर कार्रवाई नहीं हुई तो सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा.
