विक्रांत। बिहार कृषि विश्वविद्यालय में 77 वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया । इस अवसर पर माननीय कुलपति डॉ0 डी0 आर0 सिंह ने NCC परेड की सलामी ली और राष्ट्रगान के साथ ध्वजारोहण किया। विश्वविद्यालय परिवार को संबोधित करते हुए माननीय कुलपति ने विगत दिनों में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की चर्चा की साथ ही आगमी योजनाओं को भी रखा।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि 77 वें गणतंत्र दिवस के दिन जब हम खड़े हैं तब भी हमारा देश कई चुनौतियों से जूझ रहा है लेकिन अच्छी बात यह है कि सभी चुनैतियों से निपटने के लिए हमारे साथ युवा शक्ति है जो इन चुनौतियों को अवसर में बदल सकती है| उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है।
जहाँ कृषि सिर्फ़ आजीविका का साधन नहीं है बल्कि यह संस्कृति, परम्परा और सामाजिक संरचना का मूल आधार भी है ऐसे में कृषि विश्वविद्यालय की भूमिका राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण हो जाती है | उन्होंने आगे कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए बिहार कृषि विश्वविद्यालय तत्परता से कार्य कर रहा है।
विश्वविद्यालय के सभी अंग नित्य नई ऊँचाई को छू रहे हैं | हमारा विश्वविद्यालय हमेशा छात्र केंद्रित रहा है | राष्ट्रीय शिक्षा नीति के भावना के अनुरूप बीएयू ने भारतीय कृषि विरासत, भारतीय ज्ञान प्रणाली, प्राकृतिक खेती के सिद्धांत पर पाठ्यक्रम को लागू किया है, जिसका उद्देश्य छात्रों को वैज्ञानिक शिक्षा के साथ भारतीय मूल्यों से जोड़ना है।
कुलपति के भाषण के उपरान्त विश्वविद्यालय के कई विभागों और केंद्रों ने झाँकियाँ निकाली जिसमें मुख्य आकर्षण में सिंदूर की खेती पर आधारित “ऑपरेशन सिंदूर” नीरा उत्पादन की झांकी, AI आधारित शिक्षा और प्रोद्योगिकी हस्तान्तरण में नवाचार विषय पर झाँकियाँ निकाली गई।
जिसमें से ऑपरेशन सिंदूर को प्रथम और कृषि विज्ञान केंद्र सबौर की झाँकी प्रोद्योगिकी हस्तान्तरण में नवाचार को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। भागलपुर के कई प्रतिष्ठित स्कूलों के बच्चों ने सामूहिक नृत्य से समारोह में कई रंग भरे जिसमें से दीक्षा इंटरनेशनल स्कूल, संत मेही, डीपीएस, सरस्वती विद्या मंदिर और कस्तूरबा विद्यालय के छात्रों ने दर्शकों का मन मो लिया।
समारोह में विश्वविद्यालय के विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं में भागीदारी करने वाले छात्रों, शिक्षकों, शिक्षकेत्तर कर्मियों और परिसर में रहने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के शोध परियोजनाओं में बेहतर कार्य करने वाले वैज्ञानिकों को भी सम्मानित किया गया जिसमें टीसी पर शोध के से जुड़े वैज्ञानिकों डॉ आर. वी. पी निराला, डॉ सौरभ चौधरी, डॉ रामानुज विःस्वकर्मा, डॉ एस पी आचार्य को सम्मानित किया गया वहीं सर्वश्रेष्ठ AICRP औषधीय पौधों के लिए पान अनुसंधान केंद्र इस्लामपुर के प्रभारी डॉ एस एन दास, डॉ राज किशोर राय और डॉ प्रभात कुमार को प्रदान किया गया।
राष्ट्रीय मृदा मानचित्रण के अध्यक्ष डॉ अंशुमान कोहली को भी विशिष्ट उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया | कार्यक्रम के अंत में अनुकंपा पर सेवा प्राप्त करने वाले परिजनों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। 77 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार में हर्षोल्लास का वातावरण कायम रहा एवं संध्या काल से ही तिरंगे की रोशनी में परिसर के मुख्य इमारतें जगमगाती रही।
