लाखों की ठगी का मामला, तीन फरार सरगनाओं पर इनाम
मोतिहारी, राजन द्विवेदी। पूर्वी चम्पारण जिले में फर्जी पुलिस मित्र बहाली मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी लगातार छापेमारी कर रही है। अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है।
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि एएसपी हेमंत कुमार के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने पूर्वी चंपारण के साथ पटना के दीघा, आशियाना, बिहटा, वैशाली, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर में छापेमारी की। इस दौरान मुजफ्फरपुर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। जबकि चिरैया से एक की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है।
जांच में सामने आया है कि डीजीपी के नाम से फर्जी पत्र जारी कर जिले में 42 युवकों को पुलिस मित्र के रूप में बहाल किया गया था। इसके बदले उनसे लाखों रुपये की ठगी की गई। मामले के खुलासे के बाद कोटवा थाना क्षेत्र के कोइरगावा गांव निवासी रवि रंजन प्रसाद यादव ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
जिसमें चार लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुजफ्फरपुर के भारत माला गली निवासी नीरज कुमार वर्मा उर्फ अमित कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस कई अहम सुरागों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
फर्जी पुलिस मित्र के जारी पहचान पत्र पर मुंबई का पता दर्ज पाया गया है। इस मामले की जांच के लिए पुलिस टीम जल्द ही मुंबई भेजी जाएगी।छापेमारी टीम में साइबर थाना के डीएसपी अभिनव परासर, प्रशिक्षु डीएसपी प्रियंका कुमारी, निरीक्षक मनीष कुमार, दारोगा शिवम कुमार, कोटवा थानाध्यक्ष करण कुमार और डीआईयू प्रभारी अमरजीत कुमार शामिल थे।
- फरार मास्टरमाइंड पर इनाम घोषित
पुलिस ने फरार तीन मास्टरमाइंड बदमाशों की तस्वीर जारी कर इनाम की घोषणा की है। जिसमें वैशाली के सौदासपुर निवासी अशोक सम्राट पर 15,000 के इनाम की घोषणा हुई है।
पटना के शाहबाजपुर (बिहटा) निवासी राकेश कुमार उर्फ जितेंद्र पर 10,000 के इनाम घोषित किया गया है। जबकि
समस्तीपुर के सतुआजपुर निवासी धर्मेंद्र कुंवर पर 10,000 रुपए के इनाम घोषित हुए हैं।
वहीं इस संबंध में एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। तीनों फरार आरोपी इस ठगी गिरोह के मुख्य सरगना बताए जा रहे हैं।
