नालंदा: भाजपा विधायक डॉ सुनील ने विधानसभा में मंदिरों और मठों की घेराबंदी को लेकर उठाई आवाज

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बिहारशरीफ, अविनाश पांडेय: बिहार विधानसभा के सोमवार के सत्र में मंदिरों और मठों की घेराबंदी को लेकर सत्ता पक्ष के भीतर ही तीखी बहस देखने को मिली। डॉ. सुनील कुमार ने सरकार से सीधे सवाल करते हुए नीति में समानता की मांग उठाई। भाजपा विधायक ने कहा कि जब राज्य में कब्रिस्तानों की घेराबंदी कराई जा सकती है, तो मठ-मंदिरों की चहारदीवारी निर्माण में बाधा क्यों है।

उन्होंने पूछा कि बिना धार्मिक न्यास परिषद में निबंधन के मठ-मंदिरों की घेराबंदी सरकारी स्तर पर क्यों नहीं कराई जा सकती। साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना से मठ-मंदिरों की चहारदीवारी निर्माण की मांग भी रखी। इस पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि जो मठ-मंदिर धार्मिक न्यास बोर्ड में निबंधित नहीं हैं, उनकी घेराबंदी सरकारी स्तर पर संभव नहीं है।

बहस के दौरान डॉ. सुनील कुमार ने यह भी दावा किया कि बिहारशरीफ में कब्रिस्तान के नाम पर 83 डेसिमल सरकारी भूमि घेर लिए जाने से रांची रोड बाधित हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर कब्रिस्तान की घेराबंदी के नाम पर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हुआ है, जिसकी जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए।

विधायक ने सदन में कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है, इसलिए धार्मिक स्थलों के मामले में भी सरकार की नीति समानता, पारदर्शिता और न्याय के सिद्धांत पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने आग्रह किया कि सभी समुदायों के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए एक समान और स्पष्ट नीति बनाई जाए, ताकि सामाजिक सौहार्द और विधि-व्यवस्था दोनों मजबूत हो सकें।