-17 अप्रैल से शुरू अभियान में अब तक 18.98 लाख परिवारों ने प्रक्रिया पूरी की, एक मई तक है मौका
*- राज्य में वैशाली शीर्ष पर, मधुबनी दूसरे, खगड़िया तीसरे, भोजपुर चौथे और पटना पांचवें स्थान पर
बीपी डेस्क। भारत की जनगणना 2027 के तहत राज्य में 17 अप्रैल से शुरू हुई स्व–गणना (सेल्फ एनुमेरेशन) अभियान को शुरुआती दिनों में ही अभूतपूर्व जनभागीदारी मिल रही है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार राज्य में अब तक कुल 20 लाख 19 हजार 950 परिवार स्व–गणना से जुड़ चुके हैं।
इनमें से 18 लाख 98 हजार 139 परिवारों ने प्रक्रिया पूरी कर ली है, जबकि 1,21,811 परिवारों ने स्व–गणना की शुरुआत की है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि राज्य में स्व–गणना को लेकर लोगों में तेजी से जागरूकता और सहभागिता बढ़ रही है। विशेष रूप से वैशाली (3,55,447), मधुबनी (3,40,804) और खगड़िया (1,18,120) जैसे जिलों में उल्लेखनीय उत्साह देखा जा रहा है, जो राज्य में शीर्ष स्थान पर हैं।
स्व–गणना की यह पहल जनगणना प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि व्यापक जागरूकता अभियान के कारण आने वाले दिनों में इसमें और तेजी आएगी तथा अधिक से अधिक परिवार इस प्रक्रिया से जुड़ेंगे।
स्व–गणना की यह प्रक्रिया 01 मई 2026 तक जारी रहेगी। इस अवधि में नागरिक अपने मोबाइल या लैपटॉप के माध्यम से एसई (एसई) पोर्टल पर जाकर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं और डिजिटल जनगणना को सफल बनाने में योगदान दे सकते हैं।
2 मई से प्रारंभ होगा मकान सूचीकरण और आवास गणना का कार्य
स्व गणना के बाद 02 मई से 31 मई 2026 तक राज्य में मकान सूचीकरण एवं आवास गणना का कार्य प्रारंभ होगा, जिसके तहत प्रगणक प्रत्येक घर तक पहुंचेंगे। नागरिक स्व–गणना के बाद प्राप्त एसई आईडी प्रगणकों को उपलब्ध कराएं, जिससे डेटा का सही मिलान हो सके और पूरी प्रक्रिया अधिक सुगम एवं सटीक बन सके।
स्व-गणना में बिहार के टॉप 10 जिले
वैशाली – 3,55,447
मधुबनी – 3,40,804
खगड़िया – 1,18,120
भोजपुर – 1,04,879
पटना – 91,547
गोपालगंज – 85,699
औरंगाबाद – 71,644,
पश्चिम चंपारण – 67,460
दरभंगा – 63,102
रोहतास – 52,720
