चंपारण की खबर : राम से बड़ा कोई धन नहीं, सांसारिक वस्तुएं हैं क्षणभंगुर : अनिरुद्धाचार्य

मोतिहारी
  • रक्सौल में भागवत कथा हुई शुरू, श्रद्धालु की उमड़ी भीड़

मोतिहारी, राजन द्विवेदी। जिले के भारत -नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ गुरुवार से शुभारंभ हो गया है। पहले दिन विश्व प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने ‘भगवान के पास कैसे पहुंचा जाए’ विषय पर कथा सुनाई। इस दौरान भारत और नेपाल से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।

अनिरुद्धाचार्य जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा हर व्यक्ति को सुननी चाहिए। क्योंकि इसमें भगवान के वास्तविक स्वरूप का वर्णन है। उन्होंने बताया कि भगवान सच्चिदानंद स्वरूप हैं। जिसका अर्थ है सत, चित और आनंद है। उन्हीं के द्वारा संपूर्ण सृष्टि की उत्पत्ति, पालन और संहार होता है।

उन्होंने द्रौपदी प्रसंग का उदाहरण देते हुए समझाया कि संकट के समय जब द्रौपदी ने सबको पुकारा, तो कोई सहायता नहीं मिली। लेकिन जैसे ही उन्होंने भगवान को याद किया, भगवान तत्काल प्रकट हुए और उनकी लाज बचाई। इससे यह सिद्ध होता है कि सच्चा सहारा केवल ईश्वर ही हैं।

कथा के दौरान अनिरुद्धाचार्य जी ने सामाजिक सरोकार से जुड़े विषयों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान ही विश्व की उत्पत्ति का कारण हैं। उन्होंने समझाया कि बेटा-बेटी या सांसारिक संपत्ति को ही सच्चा धन मानना उचित नहीं है। मीरा के भजन ‘पायो जी मैंने राम रतन धन पायो’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राम से बड़ा कोई धन नहीं है।

सांसारिक वस्तुएं क्षणभंगुर हैं, जबकि भगवान से लगाव ही सच्चा सौभाग्य है।सात दिवसीय इस महायज्ञ के लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन द्वारा कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। भीड़ की संभावना को देखते हुए आयोजन समिति भी व्यापक व्यवस्थाएं कर रही है। श्रद्धालुओं में आगामी दिनों की कथा को लेकर विशेष उत्साह बना हुआ है।

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