New Recruitment Rules: बिहार विधानसभा ने चार विधेयकों को मिली मंजूरी, अब बोर्ड और निगमों में भर्तियां आयोग के जरिए होंगी

पटना

बीपी डेस्क। बिहार की नीतीश सरकार ने सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता लाने और प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक और दुरुस्त बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. मंगलवार को बिहार विधानसभा में चार महत्वपूर्ण संशोधन विधेयकों को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया.

आइये जानते हैं क्या-बदलाव हुआ है?
सबसे बड़ा बदलाव राज्य के विभिन्न बोर्डों और निगमों में भर्ती की प्रक्रिया को लेकर हुआ है. अब तक ये संस्थान अपने स्तर पर नियुक्तियां कर लेते थे, जिससे अक्सर धांधली की शिकायतें आती थीं. लेकिन अब नए नियमों के तहत, ग्रुप- बी और सी पदों पर भर्ती अब बिहार तकनीकी सेवा आयोग के माध्यम से होगी.

ग्रुप-डी के पदों के लिए बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) परीक्षा आयोजित करेगा. संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने साफ किया कि इस बदलाव से चयन प्रक्रिया निष्पक्ष होगी और मेधावी युवाओं को मौका मिलेगा. वहीं बिहार नगरपालिका (संशोधन) विधेयक के जरिए स्थानीय सरकार चलाने के तरीके में बदलाव किया गया है.

अब नगर निकायों की स्थायी समितियों के सदस्यों का चुनाव केवल अध्यक्ष के नॉमिनेशन से नहीं होगा. अब सदस्यों के बीच से डेमोक्रेटिक तरीके से चुनाव होगा, जिससे जवाबदेही बढ़ेगी.

बता दें कि अंग्रेज काल से चले आ रहे बिहार, उड़ीसा, बंगाल और असम सिविल न्यायालय के नाम को अब बदल दिया गया है. बिहार सिविल न्यायालय विधेयक 2026 के पारित होने के बाद अब इसे बिहार सिविल न्यायालय के नाम से जाना जायेगा. इन विधेयकों के पारित होने से बिहार में प्रशासनिक सुधार की उम्मीद है. इससे सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और तेजी आएगी.