आयुक्त ने राजस्व एवं अपर समाहर्ता कार्यालय का किया निरीक्षण
मोतिहारी, राजन द्विवेदी। प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने आज पूर्वी चंपारण जिला राजस्व शाखा एवं अपर समाहर्ता के कार्यालय के निरीक्षण के क्रम में निर्देश दिया कि बड़ी योजनाओं से संबंधित भूमि की उपलब्धता शीघ्र सुनिश्चित कराएं, ताकि सरकार की जो प्राथमिकता है इसका लाभ आमजन को ससमय मिल सके। आयुक्त ने निर्देश दिया कि सरकार के स्तर से जो डिमांड है, उसके अनुसार भूमि का प्रस्ताव सरकार को शीघ्र भेजें।
उन्होंने जन समस्याओं के निदान को प्राथमिकता देने का निर्देश देते हुए कहा कि इससे प्रशासन की उपयोगिता साबित होगी और आमजन का प्रशासन के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा। कहा कि वादों का समय से निष्पादन किया जाए एवं लोअर कोर्ट के रिकॉर्ड्स को नीचे में भेज दिया जाए। अनावश्यक रूप से रिकॉर्ड को जिला में नहीं रखा जाए।
आयुक्त के द्वारा अभिलेखों के रखरखाव और संधारण को और बेहतर करने का निर्देश दिया गया। आयुक्त ने आज पूर्वी चंपारण मोतिहारी के परिभ्रमण के क्रम में अपर समाहर्ता के कार्यालय का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल, अपर समाहर्ता मुकेश कुमार सिंहा, प्रभारी पदाधिकारी राजस्व शाखा, डीसीएलआर मोतिहारी एवं राजस्व शाखा के सभी कर्मिंगण उपस्थित थे। इसके साथ-साथ नगर आयुक्त, सदर अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी अरेराज एवं सहायक समाहर्ता भी उपस्थित थे।
निरीक्षण के क्रम दाखिल- खारिज के विषय में बताया गया कि दिनांक 1.4.2025 से लेकर 6.3.2026 तक म्यूटेशन के कुल 56357 मामले प्राप्त हुए जिसमें से 49642 मामलों का निष्पादन पाया। निष्पादित मामलों का प्रतिशत 88.07 पाया। म्यूटेशन के लंबित 6379 मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व वसूली के निर्धारित लक्ष्य 2609 करोड़ के विरुद्ध 31 जनवरी 2026 तक 1410 करोड़ की वसूली की गई थी जो लक्ष्य के 54 प्रतिशत रही है। इसको लेकर आयुक्त के द्वारा इस कार्य को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया।
सैरात बंदोबस्ती एवं अद्यतन वसूली की समीक्षा में पाया गया कि जिला में लगभग 1.67 करोड़ रुपए के सैरातों की बंदोबस्त की गई है जिसके विरुद्ध 35.95 लाख रुपए की वसूली की गई है। आयुक्त के द्वारा सैरात की बकाया से संबंधित समस्या की जानकारी प्राप्त की गई एवं इसके बंदोबस्ती/ वसूली में तेजी लाने का निर्देश दिया।
परिमार्जन से संबंधित समीक्षा में पाया गया कि परिमार्जन के कुल 138440 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिसमें से 111824 आवेदनों का निष्पादन किया गया है जबकि 2778 आवेदनों को कारण के साथ वापस लौटाया गया है। आयुक्त के द्वारा परिमार्जन के लंबित आवेदनों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया।
अपर समाहर्ता ने बताया कि एलपीसी के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से 81391 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिनमें से 57910 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। 22857 आवेदन अस्वीकृत किए गए हैं। एलसी के केवल 624 मामले ही लंबित हैं जिसके शीघ्र निष्पादन का निर्देश अंचल अधिकारियों को दिया है।
आयुक्त ने कार्यालय निरीक्षण के क्रम में कर्मपुस्त, आवेदन पंजी, उपस्थिति पंजी, आकस्मिक अवकाश पंजी, अनुक्रमणी पंजी सहित अन्य पंजीयों का अवलोकन किया गया एवं इस संबंध में जरूरी निर्देश दिए गए। आयुक्त महोदय के पूछने पर बताया गया कि सभी पदाधिकारी एवं कर्मी बायोमैट्रिक अटेंडेंस बनाते हैं एवं सभी राजस्व कार्यालय में बायोमेट्रिक अटेंडेंस कार्यरत है।
