बीपी डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव में एलायंस के लिए असदुद्दीन ओवैसी को छकाने वाले तेजस्वी यादव ने आखिरकार AIMIM के सामने सरेंडर कर दिया। राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष ने राज्यसभा चुनाव के सिलसिले में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के बिहार अध्यक्ष अख्तरुल ईमान से बातचीत की और समर्थन का आग्रह किया।
अख्तरुल ईमान ने स्वीकार किया कि तेजस्वी यादव से उनकी बात हुई है और राज्यसभा चुनाव को लेकर आज दोनों के बीच विस्तृत चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि महागठबंधन को समर्थन देने या नहीं देने का अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान (असदुद्दीन ओवैसी) करेगा। दरअसल, बिहार विधानसभा में एआईएमआईएम के पांच विधायक हैं और राज्यसभा चुनाव में उनका समर्थन अहम माना जा रहा है।
बिहार में राज्यसभा की पांच सीट के लिए छह उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के पांच और विपक्षी महागठबंधन का एक उम्मीदवार शामिल है। राज्य में खाली होने वाली पांच सीट में से दो सीट फिलहाल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पास थीं।
बिहार चुनाव 2025 में राजद के खराब प्रदर्शन के कारण संख्याबल नहीं होने की वजह से उसने इस बार केवल एक सीट पर चुनाव लड़ने का फैसला किया। राजद को 243 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव में केवल 25 सीट पर जीत मिली थी। पार्टी ने अमरेंद्र धारी सिंह को राज्यसभा चुनाव के लिए फिर से उम्मीदवार बनाया है।
इस तरह महागठबंधन के पास कुल 35 विधायक हैं। बिहार में राजद को महागठबंधन के अन्य दलों के 10 विधायकों का समर्थन प्राप्त है और वो छह वोट की कमी को पूरा करने के लिए एआईएमआईएम और बसपा के समर्थन की उम्मीद कर रहा है।
हालांकि, इन दोनों दलों ने अभी तक किसी भी राज्यसभा उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा नहीं की है। बिहार विधानसभा में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए कम से कम 41 विधायकों का समर्थन आवश्यक होता है। हालांकि, राज्यसभा चुनाव को लेकर तेजस्वी की ओर से मंगलवार को बुलाई गई महागठबंधन के घटक दलों के विधायकों की बैठक में बसपा और एआईएमआईएम विधायकों को आमंत्रित नहीं किया गया था।
वहीं, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के एकमात्र विधायक सतीश कुमार सिंह यादव ने बताया कि बसपा किस गठबंधन के राज्यसभा उम्मीदवार का समर्थन करेगी, इसका निर्णय पार्टी का आलाकमान करेगा। बिहार विधानसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के 202 विधायक हैं और उसे बहुमत हासिल है।
हालांकि, राजग के पास सभी पांच राज्यसभा सीट जीतने के लिए तीन सदस्य कम हैं। जबकि, महागठबंधन को राज्यसभा सीट जीतने के लिए छह विधायकों की जरूरत है। माना जा रहा है कि बिहार में अबकी बार की राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग होगी।
