जदयू में शामिल होने के बाद निशांत कुमार पहली बार पहुंचे अपने पैतृक गांव, पूर्वजों को नमन कर लिया आशीर्वाद

पटना

बीपी डेस्क। जनता दल यूनाइटेड में औपचारिक रूप से शामिल होने के बाद निशांत कुमार पहली बार अपने गांव कल्याण विगहा पहुंचे. गांव में उनके स्वागत के लिए भारी भीड़ जुटी थी. समर्थकों और कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया.

निशांत कुमार ने यहां कहा कि उनके पिता नीतीश कुमार ने बिहार के लिए जो विकास कार्य किए हैं, वे उन्हें आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे. दोपहर करीब 3:30 बजे जब निशांत कुमार का काफिला गांव की सीमा में पहुंचा, तो सैकड़ों कार्यकर्ता और ग्रामीण पहले से मौजूद थे.

लोगों ने फूल-मालाओं के साथ उनका जोरदार स्वागत किया. भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उनका काफिला गांव में दाखिल हुआ. प्रशासन की ओर से भीड़ को संभालने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे. गांव पहुंचने के बाद निशांत कुमार सीधे ‘रामलखन सिंह वाटिका’ गए. वहां उन्होंने अपने दादा राम लखन सिंह, दादी परमेश्वरी देवी और मां मंजु सिन्हा की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की.

इस दौरान वे काफी भावुक नजर आए. उन्होंने अपने पूर्वजों को नमन कर आशीर्वाद लिया. पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद निशांत कुमार गांव के देवी स्थान पहुंचे. वहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की. उन्होंने बिहार की सुख-समृद्धि और लोगों के कल्याण की कामना की. निशांत कुमार के स्वागत को लेकर गांव में पहले से ही तैयारियां की गई थीं.

कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था. समर्थकों ने ‘निशांत कुमार जिंदाबाद’ के नारे लगाए. इसके साथ ही ‘बिहार का सीएम कैसा हो, निशांत भैया जैसा हो’ जैसे नारे भी लगाए गए. इन नारों ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है. पूजा-पाठ के बाद निशांत कुमार अपने पैतृक आवास पहुंचे. वहां उन्होंने स्थानीय कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों से मुलाकात की. उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया.

गांव के लोगों के बीच वे बेहद सहज अंदाज में नजर आए. इस मौके पर निशांत कुमार ने कहा कि उनके पिता नीतीश कुमार ने पिछले 20 वर्षों में बिहार के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण काम किए हैं. कोशिश होगी कि उन विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाए.

उन्होंने बताया कि गांव में आकर उन्होंने अपने दादा-दादी और मां का आशीर्वाद लिया है. निशांत कुमार ने कहा कि उनकी राजनीति का मकसद जनता का भरोसा जीतना है. वे काम के जरिए लोगों के दिलों में जगह बनाना चाहते हैं.