परिवहन मंत्री ने दालकोला चेकपोस्ट का किया निरीक्षण, राजस्व संग्रहण शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने का दिया निर्देश

पटना
  • साफ-सफाई व पर्याप्त रोशनी की भी हो व्यवस्था
  • किशनगंज-अररिया सीमा पर चेकपोस्ट होगा स्थापित

बीपी डेस्क। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने बुधवार को पूर्णिया जिले के दालकोला चेकपोस्ट का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने चेकपोस्ट पर मौजूद व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया और कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। मंत्री ने मौके पर मौजूद एक्साइज इंस्पेक्टर, अपर जिला परिवहन पदाधिकारी (एडीटीओ) सह करारोपण पदाधिकारी और प्रवर्तन निरीक्षक (ईआई) को सख्त हिदायत दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित 51 करोड़ 54 लाख रुपये के राजस्व संग्रहण लक्ष्य को शत-प्रतिशत हासिल किया जाए।

इस लक्ष्य के विरुद्ध गौतम कुमार एसडीटीओ द्वारा कुल 16 हजार 613 वाहनों से राजस्व वसूली की गई है। इससे कुल 4 करोड़ 85 लाख 33 हजार 899 रुपए चालान के माध्यम से वसूल किए गए हैं। इसी तरह कुंदन कुमार ईआई द्वारा कुल 10 हजार 99 वाहनों से कुल 2 करोड़ 66 लाख 61 हजार 700 वसूल किए गए हैं।
मंत्री ने लक्ष्य के विरुद्ध कम राजस्व वसूली संग्रहण पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस लक्ष्य की प्राप्ति में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को तत्परता से कार्य करने का निर्देश दिया।

किशनगंज-अररिया सीमा पर ने चेकपोस्ट का होगा निर्माण
राजस्व संग्रहण कम पाए जाने पर पूछताछ के क्रम में अधिकारियों ने बताया कि किशनगंज-अररिया सीमा पर सड़क निर्माण होने के बाद वहां से अधिक मात्रा में वाहनों का आवागमन हो रहा है। जिसपर परिवहन‌ मंत्री ने गलगलिया में भी एक नया चेकपोस्ट निर्माण किए जाने का निदेश, ताकि बंगाल से बिहार आने वाले वाहनों की इंट्री के साथ परिवहन‌ संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित ना करने पर कार्रवाई की जा सके।

चेकपोस्ट की साफ-सफाई पर जताया असंतोष
निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री कुमार ने चेकपोस्ट की साफ-सफाई की स्थिति पर असंतोष जताया और इसे तुरंत सुधारने के आदेश दिए। उन्होंने सड़क की मरम्मती, चालान जारी करने वाली जगहों का रंग-रोगन करवाने व पूरे परिसर में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

मंत्री ने इस चेकपोस्ट की विशेष महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह राज्य का एक अत्यंत महत्वपूर्ण चेकपोस्ट है। यहां से पूर्वोत्तर बिहार के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और सिलीगुड़ी की ओर जाने वाले वाहनों का भारी आवागमन होता है। इसलिए यहां की व्यवस्थाओं को और अधिक चुस्त-दुरुस्त रखना आवश्यक है ताकि राजस्व संग्रहण के साथ ही यातायात का सुचारु संचालन भी सुनिश्चित हो सके।