एग्रो बिहार मेला किसानों के लिए ज्ञानवर्द्धक एवं लाभदायकइलेक्ट्रिक ट्रैक्टर संवाद

पटना

-कृषि में नई तकनीक पर जोर
चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राओं के बीच पुरस्कार का वितरण

-मेला में 25 हजार से अधिक किसानों एवं आमजनों ने किया भ्रमण

बीपी डेस्क। गाँधी मैदान, पटना में कृषि विभाग, बिहार द्वारा सी॰आई॰आई॰ के सहयोग से आयोजित एग्रो बिहार, राज्यस्तरीय कृषि यांत्रिकरण मेला का आज तीसरा दिन है। इन तीन दिनों में राज्य के किसान बड़ी संख्या में पूरे जिज्ञासा एवं उत्साह के साथ इस प्रदर्शनी में भाग ले रहे हैं।

किसानों द्वारा इस मेला में विभिन्न प्रकार के बड़े एवं छोटे कृषि यत्रों की खरीददारी बड़ी मात्रा में की गई। सरकार द्वारा उन्हें कृषि यंत्रों पर अनुदान का लाभ भी दिया जा रहा है। यह मेला किसानों के लिए ज्ञानवर्द्धक एवं लाभदायक सिद्ध हो रहा है। कल इस मेला का आखिरी दिन है।

इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर संवाद-कृषि में नई तकनीक पर जोर
राज्यस्तरीय कृषि यांत्रीकरण मेला एग्रो बिहार 2026 के अंतर्गत गांधी मैदान में “इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर संवाद” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव ने कहा कि वर्तमान समय में कृषि क्षेत्र एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है।

किसानों की उत्पादकता बढ़ाने, श्रम पर निर्भरता कम करने तथा आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए कृषि मशीनीकरण की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है।

उन्होंने बताया कि आधुनिक प्रौद्योगिकियाँ कृषि मशीनीकरण को अधिक कुशल, टिकाऊ तथा किफायती बना रही हैं। इसी दिशा में इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर एक महत्वपूर्ण नवाचार के रूप में उभर रहा है, जो इस मेले का प्रमुख आकर्षण बना हुआ है और देशभर का ध्यान आकर्षित कर रहा है।

इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर न केवल किसानों की लागत को कम करने में सहायक है, बल्कि यह पर्यावरण के अनुकूल भी है। इससे डीजल की खपत में कमी आती है, जिससे खेती की लागत घटती है और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलती है।

कृषि निदेशक ने कहा कि आधुनिक तकनीक से युक्त इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर खेती के भारी-भरकम कार्यों को भी आसानी से संभालने में सक्षम है। यह लगभग 1.8 टन वजन वाली ट्रॉली को खींचने के साथ-साथ खेती में उपयोग होने वाले विभिन्न कृषि उपकरणों को संचालित करने में भी सक्षम है।

इस प्रकार की तकनीक भविष्य में कृषि मशीनीकरण को और अधिक सुदृढ़ बनाते हुए किसानों के लिए नई संभावनाओं के अवसर प्रदान कर सकती है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे नई तकनीकों को अपनाकर अपनी खेती को अधिक आधुनिक और लाभकारी बनाए।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर की उपयोगिता, लागत, पर्यावरणीय लाभ तथा कृषि कार्यों में इसकी संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। इस कार्यक्रम में डब्ल्यू॰आर॰आई॰, इण्डिया के सुश्री चैतन्य कुमारी, श्री अंशुमन कुमार, सुश्री त्रिनैयनी, नाबार्ड के श्री प्रिया रंजन, आई॰सी॰ए॰आर॰-आर॰सी॰ई॰आर॰ के श्री विकास सौरकार एवं अन्य विभागीय पदाधिकारी एवं किसानगण उपस्थित थे।

चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राओं के बीच पुरस्कार का वितरण
कृषि विभाग द्वारा आज मेला परिसर में चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन दो बैच सीनियर एवं जूनियर के बीच अलग-अलग किया गया, जिसमें सीनियर बैच हाईटेक एग्रीकल्चर, कृषि में अपशिष्ट पदार्थों का पुनर्चक्रण विषय पर एवं जूनियर बैच कृषि में महिलाओं का रोजगार, मृदा एवं जल संरक्षण विषय पर आयोजित की गई, जिसमें पटना शहर के विभिन्न विद्यालयों के कुल 74 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

इस प्रतियोगिता में सीनियर बैच में आर्मी पब्लिक स्कूल, दानापुर कैंट के सुश्री रिया को प्रथम, डॉनबास्को एकेडमी, पटना के सुश्री एंजल सोनी को द्वितीय एवं डी॰ए॰वी॰ पब्लिक स्कूल, खगौल के सुश्री जिया सिंह को तृतीय पुरस्कार दिया गया।

जूनियर बैच में डी॰ए॰वी॰ पब्लिक स्कूल, खगौल के सुश्री श्रीजा सरण को प्रथम, डॉनबास्को एकेडमी, पटना के सुश्री मान्या सिंह को द्वितीय एवं पी॰एम॰श्री केन्द्रीय विद्यालय, बेली रोड, पटना, नं॰-2 के सुश्री श्वाती कुमारी को तृतीय पुरस्कार दिया गया।

विजेताओं छात्र-छात्राओं को प्रथम पुरस्कार के रूप मेें 2500 रूपये, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 1500 रूपये एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में 1000 रूपये के साथ-साथ मोमेंटो तथा प्रमाण-पत्र दिया गया। साथ ही, अन्य सभी प्रतिभागी छात्र/छात्राओं को प्रतिभागी प्रमाण-पत्र दिया गया।

मेला में 25 हजार से अधिक किसानों एवं आमजनों ने किया भ्रमण
आज इस मेला में पटना, भागलपुर, बाँका, मुंगेर, बेगूसराय, खगड़िया, लखीसराय, शेखपुरा, जमुई, पूर्णियाँ, कटिहार, अररिया एवं किशनगंज जिले के 2395 किसानों ने भाग लिया। आज तक इस प्रदर्शनी-सह-मेला में राज्य के 25 हजार से अधिक किसान/आगन्तुक आये।

इस मेले में किसी तरह का प्रवेश शुल्क नहीं है। कोई भी किसान/व्यक्ति स्वेच्छा से इस प्रदर्शनी/मेला में भाग ले सकते हैं। आज इस मेला में 105 कृषि यंत्रों पर सरकार द्वारा 32.87 लाख रूपये का अनुदान दिया गया। इन कृषि यंत्रों का बाजार मूल्य लगभग 93.83 लाख रूपये है। इस प्रकार 03 दिनों में कुल 343 कृषि यंत्रों का क्रय पर कुल 167.73 लाख रूपये से अधिक का अनुदान दिया गया।

किसान पाठशाला में किसानों को दिया गया प्रशिक्षण
आज किसान पाठशाला में प्रतिभागी किसानों को कृषि वैज्ञानिकों एवं विभागीय पदाधिकारियों द्वारा आर॰के॰भी॰वाई योजना की जानकारी, पक्का थ्रेसिंग फ्लोर, गोदाम आदि की जानकारी, डिजिटल कृषि अंतर्गत बिहार कृषि मोबाईल ऐप, फार्मर रजिस्ट्री, डिजिटल क्रॉप सर्वे की जानकारी, जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम एवं इसके अंतर्गत लिए जाने वाले फसलों की तकनीकी जानकारी,

फसलों की बुवाई से कटाई तक के उपयोगी एवं प्रयोगविधि एवं कृषि के क्षेत्र में एग्रो ड्रोन की उपयोगिता, महत्व, परिचालन विधि से संबंधित तकनीकी जानकारी विषय पर प्रशिक्षण दिया गया। मुख्य मंच से नुकक्ड़ नाटक द्वारा कृषि विभाग में चलायें जा रही योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया गया। साथ ही, संध्या में दर्शकों के मनोरंजन के लिए मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।