बीएयू के स्टाल पर पहुंचे मुख्यमंत्री, श्रीअन्न उत्पादों की सराहना

पटना
  • समृद्धि यात्रा के दौरान गया में मिलेट उत्कृष्टता केंद्र का शिलान्यास
  • मड़वा-बाजरा से बने उत्पादों को जन-जन तक पहुंचाने की पहल तेज

विक्रांत। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी समृद्धि यात्रा के क्रम में गया जिले के टनकुप्पा प्रखंड अंतर्गत मानपुर स्थित बिहार सेंटर आफ एक्सीलेंस आन मिलेट इन वैल्यू चेन के शिलान्यास कार्यक्रम में भाग लेते हुए बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर के स्टाल का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने श्रीअन्न (मिलेट) आधारित उत्पादों की गुणवत्ता, विविधता एवं उपयोगिता की सराहना की।

इस अवसर पर आयोजित प्रदर्शनी में बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के साथ डा. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा एवं अंतरराष्ट्रीय फसल अनुसंधान संस्थान ने भी सहभागिता निभाई। बीएयू के स्टाल पर वैज्ञानिकों द्वारा श्रीअन्न के प्रसंस्कृत उत्पादों का सुसज्जित एवं आकर्षक प्रदर्शन किया गया, जिसने आगंतुकों का ध्यान आकृष्ट किया।

बीएयू की ओर से प्रसार शिक्षा के सहायक प्राध्यापक सह वैज्ञानी डा. नेहा पाण्डेय, शस्य विज्ञान विभाग के डा. महेश कुमार, खाद्य प्रसंस्करण के डा. प्रेम प्रकाश एवं डा. अमरेंद्र कुमार सहित अन्य वैज्ञानिकों ने स्टाल का संचालन किया।

डा. नेहा ने मुख्यमंत्री को बेहतर पैकेजिंग में मड़वा (रागी) एवं बाजरा से निर्मित बिस्कुट, नमकीन एवं सेंवई जैसे उत्पादों की जानकारी दी तथा इनके पोषणीय गुणों से अवगत कराया।

स्टाल पर प्रदर्शित उत्पादों के माध्यम से यह बताया गया कि श्रीअन्न न केवल स्वास्थ्यवर्धक है, अपितु कृषकों के लिए आयवर्धन का भी सशक्त साधन बन सकता है। डा. नेहा पाण्डेय ने कहा कि श्रीअन्न की बढ़ती उपयोगिता को दृष्टिगत रखते हुए विश्वविद्यालय एवं राज्य सरकार संयुक्त रूप से किसानों को इसकी खेती हेतु प्रेरित कर रहे हैं। साथ ही वैल्यू एडिशन के माध्यम से पैकेजिंग, लेबलिंग एवं ब्रांडिंग कर इसे बाजारोन्मुख बनाया जा रहा है, जिससे भागलपुर सहित समूचे बिहार में इसकी पहुंच सुलभ हो सके।

मुख्यमंत्री ने वैज्ञानिकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि श्रीअन्न को जन-आहार में सम्मिलित करना समय की आवश्यकता है, जिससे पोषण सुरक्षा के साथ-साथ किसानों की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी उपस्थित थे।
समारोह के माध्यम से राज्य में मिलेट आधारित कृषि एवं उद्यमिता को नई दिशा मिलने की संभावना प्रबल हुई है, जिससे पोषण युक्त बिहार की परिकल्पना को मूर्त रूप दिया जा सकेगा।

कुलपति डा डी आर सिंह ने कहा कि बीएयू की श्रीअन्न उत्पाद के प्रति मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की सराहना उत्साहित कर रही है। इसके खेती से उत्पाद निर्माण तक विश्वविद्यालय में काम हो रहा है जिसके परिणाम दिखने लगे हैं। विज्ञानियों के सहयोग से श्रीअन्न का उत्पाद आहार की थाली तक पहुंचे इसका प्रयास किया जा रहा है।