बीपी डेस्क। महिला आरक्षण को लेकर सियासत जारी है. एनडीए विपक्ष पर हमलावर है. बीते सोमवार (20 अप्रैल, 2026) को पटना में बीजेपी की ओर से आक्रोश मार्च निकाला गया था. अब एनडीए में शामिल उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी (राष्ट्रीय लोक मोर्चा) भी बड़ा आंदोलन करने जा रही है.
आज (मंगलवार) पार्टी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने पटना में अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की. कुशवाहा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की आधी-आबादी को हक देने जा रहे थे. हमारी पार्टी की सोच है कि महिलाओं के साथ पिछड़े वर्ग की महिलाओं को भी प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए. हमारी पार्टी महिला आरक्षण का समर्थन करती है.
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि भारत की महिलाओं के लिए सरकार ने अच्छा कदम उठाया था. हालांकि ओबीसी वर्ग को इसमें शामिल नहीं किया गया था. उन्होंने कहा कि पूरे भारत में अभी जातीय जनगणना चल रही है. यह पूरा होने के बाद ओबीसी के सामान्य पुरुष एवं महिलाओं के लिए रिजर्वेशन लाने के लिए सरकार प्रयास करेगी.
आरएलएम प्रमुख ने कहा कि हमारी पार्टी ऐसी है जो परिसीमन को लेकर मांग करती रही है. हम लगातार मांग करते रहेंगे कि जनगणना के आधार पर ही सीटों की संख्या तय हो. अगर परिसीमन लागू होता तो बिहार में 40 की जगह 60 लोकसभा की सीटें होतीं. विधानसभा में 243 की जगह 365 सीटें होतीं.
आगे उन्होंने कहा कि कांग्रेस और आरजेडी के लोगों ने बिहार के साथ बहुत बड़ा अन्याय किया है. एक अच्छा अवसर था. हम प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को धन्यवाद देते हैं. विपक्ष के अन्याय के खिलाफ कल (22 अप्रैल, 2026) हमारी पार्टी की ओर से बिहार के हर जिला मुख्यालय में ‘धिक्कार मार्च’ निकाला जाएगा.
