लखनऊ/कानपुर, भूपेन्द्र सिंह। लखनऊ सुपर जायन्टस की टीम बुधवार को अपने घरेलू मैदान में लगातार सातवां मैच हार गयी 160 का पीछा करते हुए 18वें ओवर में 119 रन पर सिमट गई। राजस्थान रायल्स के खिलाफ लखनऊ सुपर जायन्टस की बल्लेबाजी पूरी तरह फ्लॉप हो गयी । वहीं इस जीत के साथ ही अब राजस्थान रायल्स की टीम अंक तालिका में 10 अंको के साथ दूसरे स्था्न पर पहुंच गई है।
लखनऊ सुपर जायन्टस को इस मैच में ज़ीत के लिए सिर्फ 160 रन चाहिए थे। विकेट बैटिंग के लिए बहुत ज़्यादा मुश्किल भी नहीं थी। हालांकि हर मैच की क़हानी इस मैच में भी दोहराई गई। टॉप ऑर्डर में मिचेल मार्श के अलावा कोई भी चल ही नही सका उन्होंने अर्धशतकीय पारी खेलते हुए टीम को जीत के लिए ले जाने का भरसक प्रयास किया लेकिन वह सफल नही हो सके।
लखनऊ सुपर जायन्टस की ओर से आयुष बदोनी, कप्तान ऋषभ पंत और एडन मारक्रम तो ख़ाता भी नहीं खोल पाए। मार्श और निकोलस पूरन के बीच 43 रनों की साझेदारी हुई और ऐसा लगा कि आज पूरन टीम को मैच जिता देंगे। हालांकि 22 रन बनाकर वो आउट हो गए। मार्श ने अपना अर्धशतक पूरा किया और जब उनकी टीम को सबसे ज्यादा जरूरत थी तो वो बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में आउट हो गए।
इसके बाद मुकबला वहीं पर खड़ा था, जहां पर मुकुल चौधरी ने कोलकाता नाइट राइडर्स के ख़िलाफ़ टीम को जिताया था। हालांकि आज वो यह काम नहीं कर सके। बृजेश शर्मा की गेंद पर वो रियान पराग को कैच थमा बैठे और यहीं से लखनऊ सुपर जायन्टस की हार तय हो गई थी।
बैटिंग में लगातार खराब प्रदर्शन लखनऊ सुपर जायन्टस के लिए मुसीबत बना रहा। आईपीएल के इस सत्र में उन्हें अपने घरेलू मैदान पर लगातार तीसरी हार का सामना करना पड़ा। इस सत्र में सात मैचों में यह उनकी कुल पाँचवीं हार थी। बुधवार को यहाँ राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 40 रनों से हरा दिया। एलएसजी ने राजस्थान रायल्स को 159/6 पर रोककर अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन उनका पीछा करने का प्रयास कभी ज़ोर नहीं पकड़ पाया और वे 17.5 ओवरों में 119 रनों पर ही ऑल आउट हो गए।
160 रनों का पीछा करते हुए एलएसजी की शुरुआत ही खराब रही और वे फिर कभी संभल नहीं पाए। पावर प्ले के अंदर ही उन्होंने तीन विकेट गंवा दिए और उनका स्कोर 31/3 हो गया। आउट होने वाले शुरुआती बल्लेबाजों में ऋषभ पंत भी शामिल थे। दबाव लगातार बढ़ता गया क्योंकि राजस्थाान रायल्सश के गेंदबाज नियमित अंतराल पर विकेट लेते रहे, जिससे एलएसजी की ओर से कोई भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना पाया।
जॉफ़्रा आर्चर ने अपनी गति और उछाल से एलएसजी के बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया और 20 रन देकर एलएसजी के 3 बल्लेबाजों को चलता करने में सफलता पाई । उनके अलावा अन्य तेज गेंदबाज, नांद्रे बर्गर और बृजेश शर्मा भी घरेलू टीम के बल्लेबाजों के लिए मुश्किल साबित हुए। ओपनर मिचेल मार्श को छोड़कर—जिन्होंने इस आईपीएल के इस सत्र में सीज़न का अपना पहला अर्धशतक बनाया—और खराब फॉर्म में चल रहे निकोलस पूरन के छोटे से योगदान को छोड़कर, घरेलू टीम की बैटिंग में स्पष्टता और संयम की कमी दिखी।
शुरुआती झटकों के बाद, एलएसजी लगातार विकेट गंवाता रहा और पिच की परिस्थितियों का फायदा उठाने में नाकाम रहा। आखिरकार, वे इस सीज़न के अपने सबसे कम स्कोर पर ऑल आउट हो गए। राजस्थापन के गेंदबाजों ने लगातार बेहतरीन गेंदबाजी की और फील्डरों ने भी शानदार फील्डिंग करके उनका पूरा साथ दिया, जिससे उन्हें अपने घरेलू मैदान से बाहर एक बड़ी जीत मिली।
अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम की तेज़ और उछाल वाली मिश्रित मिट्टी की पिच पर पहले बैटिंग करने के लिए बुलाए जाने पर राजस्थान रॉयल्स की शुरुआत भी मुश्किल भरी रही। मोहम्मद शमी ने लगातार दो विकेट लेकर राजस्थानन के टॉप ऑर्डर को बड़ा झटका दिया, जबकि मोहसिन खान ने भी दबाव बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।
पावर प्ले में राजस्थान का स्कोर 44/3 हो गया और फिर 54/3 तक पहुँच गया। इसके बाद भी नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे, जिससे पारी के बिखरने का खतरा पैदा हो गया।इससे पहले युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने धमाकेदार शुरुआत की। उन्होंने प्रिंस यादव के पहले ही ओवर में लगातार दो चौके जड़े, लेकिन उस तेज गेंदबाज ने तीन लगातार डॉट बॉल डालकर जोरदार वापसी की और दो बार खतरनाक बाउंसर से उन्हें चकमा दिया।
मोहसिन खान के खिलाफ सूर्यवंशी का सब्र टूट गया। मोहसिन ने एक मेडन ओवर फेंका और उसी ओवर में सूर्यवंशी का विकेट भी चटका दिया। यह वैभव का करियर का पहला मेडन ओवर था और इस सीज़न में उनका दूसरा सबसे कम स्कोर था, सनराइज़र्स हैदराबाद के खिलाफ़ शून्य पर आउट होने के बाद। यशस्वी जायसवाल ने थोड़ी देर के लिए चमक दिखाई; उन्होंने पहले ओवर में शमी का स्वागत चौके से किया, और फिर लगातार तीन चौके जड़े।
शमी इससे घबराए नहीं और उन्होंने एक बाउंसर फेंकी, जिस पर जायसवाल ने टॉप-एज लगाया; ऋषभ पंत ने अपनी उंगलियों के पोरों से एक शानदार कैच लपक लिया। शमी ने तुरंत फिर से वार किया; अगली ही गेंद पर उन्होंने ध्रुव जुरेल को बोल्ड कर दिया, और पंत ने एक और तेज़ कैच लपका, जिससे राजस्थालन की टीम शुरुआत में ही लड़खड़ा गई।
सबसे बड़ी संकटमोचक पारी रवींद्र जडेजा ने खेली, जिन्होंने 29 गेंदों में 43 रनों की संयमित और नाबाद पारी खेली। जडेजा ने बीच के और आखिरी ओवरों में एक छोर संभाले रखा; पहले उन्होंने छठे विकेट के लिए डोनोवन फरेरा के साथ 33 रन जोड़े, और फिर शुभम दुबे के साथ मिलकर 49 रनों की निर्णायक और नाबाद साझेदारी के साथ पारी का समापन किया।
दरअसल, दुबे ने 11 गेंदों में 19 रनों की नाबाद पारी खेलकर पारी को ज़ोरदार अंदाज़ में खत्म किया, और इस जोड़ी ने आखिरी ओवरों में राजस्था न का स्कोर 150 के पार पहुँचा दिया। जडेजा ने आखिरी ओवर में मयंक यादव पर खास तौर पर कड़ा प्रहार किया और उनके ओवर में 20 रन बटोरे; इस तरह राजस्थान ने 159/6 का स्कोर बनाया।
यह स्कोर शुरुआत में भले ही कम लग रहा था, लेकिन आखिरी ओवरों में तेज़ी से रन बनने के कारण यह एक चुनौतीपूर्ण स्कोर बन गया। यादव को कोई विकेट नहीं मिला और उन्होंने 14.00 की इकॉनमी रेट से 56 रन दिए।एलएसजी के गेंदबाजों ने मिलकर विकेट बांटे; शमी ने शुरुआत में नुकसान पहुंचाया, जबकि मोहसिन ने बीच के ओवरों में गेंदबाज़ी पर अपना नियंत्रण बनाए रखा। उनकी अनुशासित गेंदबाज़ी की वजह से RR एक बहुत बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर पाई, लेकिन एलएसजी के बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन के कारण यह स्कोर भी जीत के लिए काफी साबित हुआ।
