बीपी डेस्क। बिहार के मुख्यमंत्री एवं धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष सम्राट चौधरी से आज शाम मुलाकात हुई और सनातन सेवा निधि अधिनियम के उस प्रारूप पर चर्चा हुई, जिसे केंद्र सरकार को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा गया है। सीएम श्री चौधरी ने इस संदर्भ की बातों को उत्सुकतापूर्वक सुना और कानून का अध्ययन कर आगे कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
वहीं आज सुबह बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष रणवीर नंदन से इस प्रस्तावित कानून तथा हमारे मंदिरों को पुनर्जीवित कर उन्हें ग्राम्य जीवन के केंद्र में स्थापित करने वाली परियोजना पर चर्चा हुई। क्योंकि इस बोर्ड के अधीन बिहार के लगभग साढ़े चार सौ मठ और मंदिर हैं।
रणवीर नंदन ने दोनों विषयों में उत्सुकता दिखाई और पायलट प्रोजेक्ट के रूप में एक मंदिर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी दिया। साथ ही, मठाधीशों की एक बड़ी सभा बुलाकर मुझे उनके समक्ष इन विचारों को प्रस्तुत करने का अवसर देने का प्रस्ताव भी दिया, जिसे मैंने स्वीकार किया।
