-बड़े पैमाने पर होने वाले व्यापारिक परिवहन या संदिग्ध वस्तुओं की ही होगी जांच
मोतिहारी, राजन द्विवेदी। नेपाल सरकार ने भारत-नेपाल सीमा पर रहने वाले लोगों को बड़ी राहत देते हुए चेकपोस्ट नियमों में अहम बदलाव किया है। नए निर्देशों में अब आम नागरिकों को रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुएं जैसे राशन, दवाइयां, फल-सब्जियां और अन्य घरेलू सामान ले जाने की खुली अनुमति दी गई है। इस फैसले के बाद स्थानीय लोगों को सीमा पर अनावश्यक रोक-टोक और जब्ती की समस्या से छुटकारा मिलने की उम्मीद है।
सरकार ने सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस बल को साफ निर्देश दिया है कि वे केवल बड़े पैमाने पर होने वाले व्यापारिक परिवहन या संदिग्ध वस्तुओं की ही जांच करें। आम लोगों की छोटी-मोटी खरीददारी या व्यक्तिगत उपयोग के सामान को लेकर उन्हें परेशान न किया जाए। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है, जिससे सीमा पार आने-जाने वाले हजारों परिवारों को राहत मिलने लगी है।
बीते कुछ समय से सीमावर्ती क्षेत्रों, खासकर रक्सौल-बीरेगंज इलाके में रहने वाले लोगों को कड़ी जांच और सामान जब्त होने की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। इस कारण रोजमर्रा की जरूरतों के लिए सीमा पार जाने वाले परिवारों को काफी परेशानी उठानी पड़ती थी। अब नए फैसले से सामान्य जनजीवन के सुचारु होने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस निर्णय का विभिन्न सामाजिक और व्यापारिक संगठनों ने स्वागत किया है। स्थानीय प्रतिनिधियों का कहना है कि यह कदम भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से चले आ रहे सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करेगा।
साथ ही सीमा क्षेत्रों में व्यापार और आवाजाही को भी गति मिलेगी, जिससे आर्थिक गतिविधियों में सुधार आएगा। व्यापारिक संगठनों ने यह भी कहा कि अब चेकपोस्ट पर घंटों की समस्या कम होगी और लोगों का समय बचेगा। इससे छोटे और आम नागरिकों दोनों को फायदा होगा।
