-इस नियम का शिकार यूसुफ पठान (2013), अमित मिश्रा (2019) और रवींद्र जडेजा (2024) भी हो चुके हैं।
लखनऊ/कानपुर, भूपेंद्र सिंह। सुपर जायंट्स की मेजबानी में खेले जा रहे आईपीएल मुकाबलों में रविवार को एक अनोखा और दुर्लभ घटनाक्रम देखने को मिला, जब अंगकृष रघुवंशी ‘ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड’ के तहत आउट दिए जाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए।
हालांकि इससे पहले भी इस नियम के शिकार इस नियम का शिकार यूसुफ पठान (2013), अमित मिश्रा (2019) और रवींद्र जडेजा (2024) भी हो चुके हैं। इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले के दौरान यह घटना उस समय घटी, जब रघुवंशी रन लेने के प्रयास में पिच पर दौड़ रहे थे।
शॉट मारकर रन लेने निकले अंगकृष नान स्ट्राइकर के मना करने पर वापस अपनीक्रीज पर लौटने लगे तो शमी के थ्रो के सामने आ गए जिसपर लखनऊ के खिलाडियों ने आउट की अपील की तो अम्पायरों ने अंगकृष को आउट करार दे दिया।
हालांकि आउट करार दिए जाने के बाद अंगकृष अम्पायरों समेत लखनऊ की टीम पर खासे बरस पडे और उन्होंने अपनाबैटऔर हेलमेट तक मैदान पर फेंककर अपनी नाराजगी जाहिर की।
इसी दौरान उन्होंने गेंद की दिशा में ऐसा मूवमेंट किया, जिसे अंपायरों ने फील्डिंग टीम के प्रयास में बाधा डालना माना। मैदानी अंपायरों ने आपसी विचार-विमर्श के बाद नियमों के तहत उन्हें ‘ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड’ आउट करार दिया।
क्रिकेट के नियमों के अनुसार, यदि कोई बल्लेबाज जानबूझकर गेंद की दिशा में रुकावट डालता है या फील्डिंग साइड को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है, तो उसे इस तरह आउट दिया जा सकता है। हालांकि, इस तरह के आउट बेहद कम देखने को मिलते हैं, जिससे यह घटना और भी खास बन गई।
इकाना स्टेडियम में लखनऊ सुपर जायंट्स की मेजबानी में अब तक खेले गए मुकाबलों में यह पहला मौका है, जब किसी बल्लेबाज को इस नियम के तहत पवेलियन लौटना पड़ा। इस फैसले ने मैच में रोमांच बढ़ाने के साथ-साथ दर्शकों और क्रिकेट प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय भी बना दिया।
