Bihar Cabinet Meeting : सम्राट कैबिनेट की बैठक में 63 एजेंडों को दी मंजूरी- बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, जल संसाधन और प्रशासनिक सुधार से जुड़े कई बड़े फैसले शामिल

पटना

बीपी डेस्क। मुख्यमंत्री सचिवालय में शाम 5 बजे शुरू हुई इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की. बैठक में डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र यादव भी मौजूद रहे. सरकार ने राज्य के विकास को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई.

राज्य में बिजली आपूर्ति को मजबूत बनाने के लिए नई अंतरराज्यीय ट्रांसमिशन लाइनें बनाई जाएंगी. इसके लिए REC Power Development and Consultancy Limited को निविदा प्रक्रिया का जिम्मा दिया गया है. वहीं, मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के तहत 2026-27 के लिए 23,165 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है, जिससे उपभोक्ताओं को सब्सिडी मिलती रहेगी.

पटना के मैंगल्स रोड पर साइबर अपराध इकाई और विशेष शाखा के लिए लगभग 51 करोड़ रुपये की लागत से नया भवन बनेगा. इसके अलावा वित्त विभाग के तहत साइबर ट्रेजरी के संचालन के लिए 23 नए पद सृजित किए गए हैं.

निगरानी विभाग का अलग संवर्ग खत्म कर डीएसपी, इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर को बिहार पुलिस में समायोजित करने का फैसला भी लिया गया है. गन्ना आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बिहार चीनी उपक्रम अधिनियम, 1985 में संशोधन को मंजूरी दी गई है.

साथ ही चीनी मिलों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए गन्ना खरीद पर लगने वाला विकास परिषद कमीशन 1.80% से घटाकर 0.20% कर दिया गया है. मंडई वीयर और उससे जुड़ी नहरों के निर्माण के लिए 424 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है.

इसके अलावा राज्य की करीब 29,933 ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के संचालन और रखरखाव के लिए 3601 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें IoT आधारित मॉनिटरिंग भी शामिल होगी. पटना के गर्दनीबाग में ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों के लिए एक मल्टी स्पेशियलिटी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा.

कैंसर केयर एंड रिसर्च सोसाइटी के लिए 6 पद सृजित किए गए हैं. वहीं नर्सिंग स्कूलों की मान्यता और परीक्षा नियमावली में भी संशोधन को मंजूरी दी गई है. आरा में 5 एकड़ भूमि पर केंद्रीय विद्यालय बनेगा. पश्चिम चंपारण में डिग्री कॉलेज बनाया जाएगा.

नवादा में भी केंद्रीय विद्यालय का नया भवन बनेगा. साथ ही राज्य में कई बड़ी सड़क परियोजनाओं को मंजूरी मिली है. इनमें बिदुपुर-दिघवारा गंगा पथ (56 किमी), दरिहारा से डुमरिया घाट तक 73.51 किमी लंबी 4-लेन सड़क और बक्सर-आरा-मनेर गंगा पथ (करीब 90 किमी) शामिल हैं. इसके अलावा गया में फल्गु नदी पर 113 करोड़ रुपये की लागत से नया पुल बनाया जाएगा.

अन्य बड़े फैसले

  • नगर निकायों के बिजली बिल भुगतान के लिए 425.99 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है.
  • सफाई कर्मचारी आयोग के लिए 11 नए पद सृजित किए गए हैं.
  • खनन नियमावली में संशोधन कर पत्थर खनन पट्टों की ई-नीलामी का फैसला लिया गया है.
  • पटना सिटी में 2.99 एकड़ जमीन राष्ट्रीय अंतर्देशीय नौवहन संस्थान को दी जाएगी.
  • साथ ही राज्य की आकस्मिकता निधि को बढ़ाकर 13,900 करोड़ रुपये कर दिया गया है.

सम्राट कैबिनेट की इस बैठक में लिए गए फैसले बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर, बिजली, स्वास्थ्य, जल और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं. सरकार का कहना है कि इन फैसलों से राज्य के विकास को नई गति मिलेगी और आम लोगों को सीधा लाभ पहुंचेगा.