राजन दत्त द्विवेदी। बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के लौरिया प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित सभा कक्ष में शनिवार को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को लेकर वर्कशॉप का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख शंभू तिवारी ने की.
बैठक में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया. कार्यशाला में योजना के जीआरएम साकेत सिंह ने योजना की रूपरेखा समझाई. उन्होंने बताया कि यह योजना नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय तथा बिहार सरकार के ऊर्जा विभाग के सहयोग से संचालित है. योजना के क्रियान्वयन के लिए ग्राम भारत इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड को अधिकृत एजेंसी बनाया गया है.
एजेंसी ग्रामीण, शहरी, घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के यहां सोलर सिस्टम लगाने के लिए अधिकृत है. पात्र लाभार्थियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा. घरेलू उपभोक्ताओं को भारत सरकार की ओर से अधिकतम 78 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा. सोलर सिस्टम लगाने के 14 दिनों के भीतर यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी.
तीन किलोवाट तक के सोलर सिस्टम के लिए आधार और पैन कार्ड के आधार पर लोन भी उपलब्ध होगा. इसके लिए आय प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है. ऋण पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर देय होगी. सभी बैंकों को ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं. बैठक में बताया गया कि सोलर पैनल पर 25 वर्ष की वारंटी मिलेगी. वहीं सोलर इनवर्टर पर आठ वर्ष की वारंटी दी जाएगी. एजेंसी पांच वर्षों तक फ्री मेंटेनेंस की सुविधा देगी.
बीडीओ संजीव कुमार, अंचलाधिकारी नितेश कुमार सेठ और बीपीआरओ सोनाली गुप्ता ने आवेदन और स्वीकृति प्रक्रिया की जानकारी दी. बिजली विभाग के जेई संजय कुमार सिंह और संजय कुमार शर्मा ने तकनीकी मानकों के अनुरूप स्थापना पर जोर दिया. अंत में योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार की अपील की गई.
